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General Science
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चींटी?

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बिल।
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Related Questions

→ मानव शरीर में विटामिन K की कमी के परिणामस्वरूप निम्नलिखित में से किस कारक पर सबसे सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है? → केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों और उपग्रहों की कक्षीय ऊर्जा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रफलों का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते हुए किसी पिंड का कोणीय संवेग (Angular momentum) संरक्षित रहता है, जिसका अर्थ है कि उपग्रह जब पृथ्वी के सबसे निकट (उपसौर/पेरीजी) होता है, तो उसकी चाल अधिकतम और दूर होने पर न्यूनतम होती है। 2. किसी दीर्घवृत्तीय कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और दीर्घवृत्तीय कक्षा के किसी भी बिंदु पर उपग्रह की गतिज ऊर्जा (Kinetic energy), उसकी स्थितिज ऊर्जा (Potential energy) के परिमाण की आधी होती है। 3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमा की अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह हमेशा विषुवत वृत्त (Equator) के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जिसकी भू-सतह से ऊंचाई लगभग 36,000 किमी होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg's Uncertainty Principle) यह प्रतिपादित करता है कि किसी गतिमान सूक्ष्म कण की स्थिति और संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और इनका अनिश्चितता गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$ होता है। 2. पाउली का अपवर्जन नियम (Pauli's Exclusion Principle) के अनुसार, एक ही परमाणु में उपस्थित किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं ($n, l, m_s$ आदि) के मान सर्वथा समान नहीं हो सकते हैं, अर्थात् यदि मुख्य, दिगंशी और चुंबकीय क्वांटम संख्याएँ समान भी हों, तो उनके प्रचलन क्वांटम संख्या ($s$) के मान भिन्न अवश्य होंगे। 3. 'हंड का अधिकतम बहुलकता नियम' (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह बताता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता, जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समानांतर चक्रण (Parallel spin) के साथ भर न जाए। 4. मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) इलेक्ट्रॉन के कक्षक की ऊर्जा और आकार को निर्धारित करती है, जबकि दिगंशी या azimuthal क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक की त्रिविमीय आकृति (Shape) और उपकोश को दर्शाती है, जहाँ $l$ का मान 0 से लेकर $(n-1)$ तक हो सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं। 2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक प्रबल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है। 3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और उसका pH मान 7 से अधिक होता है। 4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी (Endothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि जल अभी भी उदासीन ही रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिका विभाजन (Cell Division) के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) और समसूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अर्धसूत्री विभाजन-I की प्रोफेज-I अवस्था के 'डाइकाइनेसिस' (Diakinesis) उपचरण में टर्मिनलाइजेशन (Terminalization) की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसमें chiasmata सिरों की ओर खिसक जाते हैं और केंद्रिका लुप्त हो जाती है। 2. 'माइटोटिक स्पिंडल' (Mitotic spindle) का निर्माण माइक्रोट्यूब्यूल्स (सूक्ष्म नलिकाओं) द्वारा होता है, और 'निकोडेमाइल' या 'कोलचिसिन' जैसे रसायन ट्यूबुलीन बहुलीकरण को रोककर सेल डिवीजन को मेटाफेज अवस्था में ही रोक देते हैं। 3. जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका खांच' (Cell furrow) विधि द्वारा होता है, जिसमें एक्टिन और मयोसिन फिलामेंट्स से बने संकुचई वलय (Contractile ring) का अभिकेंद्रकीय संकुचन होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह 'सेल प्लेट' (Cell plate) के निर्माण द्वारा केंद्र से परिधि की ओर होता है। 4. मियोसिस के दौरान होमोलोगous क्रोमोसोम का पृथक्करण हमेशा एनाफेज-II के दौरान होता है, जबकि सिस्टर क्रोमैटिड्स एनाफेज-I में अलग होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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