BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
19 views

मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, भू-राजस्व प्रणालियों और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा लागू की गई 'दहसाला' (जब्ती) प्रणाली के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और उसके औसत मूल्यों का आकलन कर मालगुजारी निश्चित की जाती थी, जिसमें भूमि को पोलज, परती, चाचर और बंजर श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था।
  2. 2. जहाँगीर के शासनकाल में चित्रकला ने अपने चर्मोत्कर्ष (Golden Age) को प्राप्त किया, तथा उसने चित्रकला में 'नक्काशी' और प्राकृतिक चित्रण के साथ-साथ चेहरे की बनावट में 'शीह-कलम' (Siyah Qalam) शैली को विशेष प्रोत्साहन दिया, जबकि उसके काल में उस्ताद मंसूर पक्षियों और दुर्लभ फूलों के चित्रण में अद्वितीय थे।
  3. 3. शाहजहाँ के शासनकाल के दौरान वास्तुकला ने अपनी भव्यता की पराकाष्ठा को छुआ, और उसके काल में निर्मित ताजमहल की वास्तुकला में 'पित्रा दुरा' (Pietra Dura) या जड़वा कला का अत्यंत सुंदर प्रयोग किया गया, जिसमें संगमरमर के पत्थरों पर बहुमूल्य रत्नों को ज्यामितीय और पुष्प आकृतियों में जड़ा जाता था।
  4. 4. औरंगजेब की रूढ़िवादी धार्मिक नीतियों के कारण उसके दरबार में संगीत और चित्रकला को पूर्णतः राजकीय संरक्षण से वंचित कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप संगीतकारों और चित्रकारों ने शाही दरबार छोड़कर क्षेत्रीय रियासतों और राजपूत राजाओं के यहाँ शरण ली, और स्वयं औरंगजेब ने वीणा वादन में कोई रुचि नहीं दिखाई तथा संगीत पर पाबंदी लगा दी थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

मुगल साम्राज्य के काल में प्रशासनिक, भू-राजस्व और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ। अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा 'दहसाला' प्रणाली की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत भूमि को उसकी उर्वरता के आधार पर पोलज, परती, चाचर और बंजर श्रेणियों में विभाजित किया गया था। जहाँगीर का काल मुगल चित्रकला का स्वर्ण युग माना जाता है, जहाँ उस्ताद मंसूर और अबुल हसन जैसे महान चित्रकार थे। शाहजहाँ का काल वास्तुकला का स्वर्ण युग था जिसमें ताजमहल और 'पित्रा दुरा' कला का उत्कृष्ट प्रयोग हुआ। जहाँ तक औरंगजेब का संबंध है, उसने अपने दरबार में संगीत पर प्रतिबंध लगाया था, किंतु यह ऐतिहासिक तथ्य है कि औरंगजेब स्वयं एक कुशल 'वीणा' वादक था, जिसके कारण कथन 4 आंशिक रूप से गलत हो जाता है क्योंकि वह स्वयं वीणा बजाने में अत्यधिक कुशल था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ मुगल काल में "परगना" स्तर पर मुख्य राजस्व अधिकारी कौन होता था? → सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सैंधव सभ्यता के नगरों में ग्रिड पद्धति (Grid System) का अनुसरण किया जाता था, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। 2. लोथल और चान्हूदरो दोनों ही स्थलों से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) के अवशेष प्राप्त हुए हैं। 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपतिनाथ' की मुहर पर हाथी, बाघ, गैंडा और भैंसा के अतिरिक्त दो हिरणों का अंकन भी मिलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल तथा मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व करते हुए बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित किया और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद के लाइटहाउस' के रूप में भी जाना जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 3. बेगम हजरत महल ने ब्रिटिश सेना की दमनकारी नीतियों के आगे कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अंततः नेपाल जाकर शरण ली, जहाँ उनकी मृत्यु हुई। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह की गतिविधियों से भयभीत होकर ब्रिटिश प्रशासन ने उनके ऊपर पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था, और अंततः पुव्वयाँ के राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मुगल काल में "मदद-ए-माश" भूमि के हस्तांतरण पर क्या नियम था? → वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में संचालित 'स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन' के विभिन्न आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन की औपचारिक घोषणा के पश्चात, 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा 'बहिष्कार प्रस्ताव' प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश निर्मित कपड़ों, नमक और चीनी जैसी वस्तुओं का पूर्ण त्याग करना था। 2. आंदोलन के दौरान रचनात्मक कार्यों और आत्म-शक्ति (आत्मनिर्भरता) पर विशेष बल दिया गया, जिसके तहत प्रफुल्ल चंद्र राय (P.C. Ray) ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वर्क्स' की स्थापना की, जो स्वदेशी उद्योग के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुई। 3. स्वदेशी आंदोलन का प्रभाव केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे बॉम्बे और पुणे में, लाला लाजपत राय ने पंजाब में, तथा सैयद حیدر رضا (Syed Haider Raza) ने दिल्ली में इस आंदोलन का सफलतापूर्वक नेतृत्व और प्रसार किया। 4. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष पद से दादाभाई नौरोजी ने पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) शब्द का आधिकारिक प्रयोग किया तथा कांग्रेस ने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से संबंधित प्रस्तावों का औपचारिक रूप से अनुमोदन किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.