BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
17 views

वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 1857 के विद्रोह के पास एक सर्वमान्य राष्ट्रीय दृष्टिकोण और आधुनिक राजनीतिक-प्रशासनिक वैकल्पिक व्यवस्था का पूर्ण अभाव था, तथा विद्रोही नेता सामंती ढांचे से बंधे होने के कारण भविष्य के भारत का कोई स्पष्ट खाका पेश नहीं कर सके।
  2. 2. यद्यपि मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को प्रतीकात्मक रूप से भारत का सम्राट घोषित किया गया था, तथापि विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों (जैसे झाँसी, कानपुर और अवध) के नेताओं के बीच किसी भी प्रकार के केंद्रीय समन्वय, रणनीतिक एकता और दीर्घकालिक सैन्य योजना का अभाव था।
  3. 3. अधिकांश शिक्षित मध्यम वर्ग, आधुनिक बुद्धिजीवियों और देशी रियासतों के शासकों (जैसे हैदराबाद के निजाम, सिंधिया और होलकर) ने विद्रोहियों का सक्रिय रूप से समर्थन किया, जिससे अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने में मदद मिली।
  4. 4. विद्रोह का भौगोलिक प्रसार मुख्य रूप से उत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रहा, जबकि दक्षिण भारत और पंजाब का अधिकांश क्षेत्र अंग्रेजों के प्रति वफादार बना रहा या शांत रहा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 का विद्रोह औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक बड़ा जन-उभार था, लेकिन इसकी असफलता के कई आंतरिक कारण और नेतृत्व की गंभीर कमियाँ थीं। कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं क्योंकि विद्रोही नेताओं में न केवल केंद्रीय समन्वय का अभाव था, बल्कि उनके पास भविष्य की आधुनिक राजनीतिक व्यवस्था का कोई स्पष्ट विजन भी नहीं था। कथन 4 भी सत्य है क्योंकि यह विद्रोह अखिल भारतीय रूप नहीं ले सका और मुख्य रूप से उत्तर तथा मध्य भारत तक ही सीमित रहा, जबकि दक्षिण भारत और पंजाब शांत रहे। इसके विपरीत, कथन 3 गलत है क्योंकि अधिकांश शिक्षित मध्यम वर्ग, व्यापारियों और देशी रियाسतों के शासकों (जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम) ने विद्रोहियों का साथ देने के बजाय ब्रिटिश शासन का समर्थन किया था। इस ऐतिहासिक घटना के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जनरल जॉन निकलसन - दिल्ली 2. मेजर जनरल हैवलॉक और जेम्स आउट्राम - लखनऊ 3. सर कॉलिन कैंपबेल - कानपुर और रोहिलाखंड 4. जनरल ह्यूरोज़ - झाँसी और ग्वालियर उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के प्रमुख अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दबाए गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली — जॉन निकलसन 2. कानपुर — सर कॉलिन् कैंपबेल 3. झांसी — सर ह्यूरोज़ 4. लखनऊ — जेम्स आउट्राम एवं हैवलॉक उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? → सल्तनत काल में सुल्तान की शक्ति का मुख्य आधार क्या था? → वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitr) शब्द का शाब्दिक अर्थ गाय का दूध दुहने वाली पुत्री से था, और इस काल में सभा और समिति नामक संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी होती थी, जिन्हें विदथ में भी भाग लेने की अनुमति थी। 2. उत्तर वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था जन्म पर आधारित हो गई और समाज स्पष्ट रूप से चार वर्णों में विभाजित हो गया, तथा शतपथ ब्राह्मण में कृषि से जुड़ी चारों क्रियाओं (जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई) का विस्तृत विवरण प्राप्त होता है। 3. ऋग्वेद के दसवें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में सर्वप्रथम चारों वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) की उत्पत्ति का उल्लेख विराट पुरुष के विभिन्न अंगों से बताया गया है, जो इस काल के आरंभिक समतावादी समाज के पतन और पदानुक्रमित समाज के उदय का द्योतक है। 4. वैदिक साहित्य के अंतर्गत आरण्यकों को 'रहस्य पुस्तक' (Mystery Books) कहा जाता है, जिनकी रचना वनों में की गई थी और ये मुख्य रूप से यज्ञों के कर्मकांडीय अनुष्ठानों का विरोध करते हुए केवल भौतिक दर्शन का प्रतिपादन करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मोहम्मद बिन तुगलक ने इब्न बतूता को दिल्ली में किस पद पर नियुक्त किया था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.