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History of India
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और उनके भौगोलिक विस्तार तथा राजनैतिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंग - चंपा (आधुनिक भागलपुर और मुंगेर क्षेत्र)
  2. 2. वत्स - कौशाम्बी (आधुनिक इलाहाबाद के आसपास का क्षेत्र)
  3. 3. मत्स्य - विराट नगर (आधुनिक जयपुर और अलवर क्षेत्र)
  4. 4.

अस्मक - पोटली या पौनार (गोदावरी नदी घाटी का क्षेत्र) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्तर भारत में बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में सोलह महाजनपदों का उल्लेख मिलता है। दिए गए सभी युग्म पूरी तरह सही सुमेलित हैं। अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी जो आधुनिक भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में थी; वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी; मत्स्य महाजनपद की राजधानी विराटनगर थी जो राजस्थान के जयपुर-अलवर क्षेत्र में स्थित थी; और अस्मक (अश्मक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था जिसकी राजधानी पोटली या पौदक थी। विकिपीडिया संदर्भ
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→ वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और उसके विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन के वैचारिक, आर्थिक एवं राजनीतिक आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित कर 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक शुरुआत की गई और 'बायकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पास किया गया। 2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय आंदोलन में आत्मशक्ति (आत्मकेंद्रित आत्मनिर्भरता) के विचार को बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत तंजौर के राष्ट्रीय कॉलेज, बंगाल नेशनल कॉलेज और विभिन्न राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना की गई तथा शिक्षा के राष्ट्रीयकरण पर जोर दिया गया। 3. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के वैचारिक दायरे में केवल विदेशी वस्त्रों और वस्तुओं का बहिष्कार ही शामिल नहीं था, बल्कि इसके साथ ही सरकारी स्कूलों, अदालतों, उपाधियों और सरकारी नौकरियों का पूर्ण बहिष्कार करने का भी प्रस्ताव था, जिस पर नरम दल और गरम दल के नेताओं के बीच कभी कोई मतभेद उत्पन्न नहीं हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → प्राचीन भारतीय इतिहास के अंतर्गत वर्धन राजवंश, पल्लव और चालुक्य राजवंशों के प्रशासनिक, सैन्य तथा सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्धन के कन्नौज सभा के उपरांत ह्वेनसांग द्वारा वर्धन साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का वर्णन करते हुए यह उल्लेख किया गया है कि राज्य की आय का एक चौथाई हिस्सा सरकारी कर्मचारियों के वेतन के रूप में और दूसरा चौथाई हिस्सा धार्मिक एवं बौद्ध विहारों के दान के लिए आरक्षित था। 2. पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बाद शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर शैव धर्म अपना लिया था, और उसने त्रिचिरापल्ली तथा महाबलीपुरम में कई प्रसिद्ध एकात्म शैलकृत (Rock-cut) मंदिरों का निर्माण करवाया था। 3. बादामी के चालुक्य राजवंश के शासक विक्रमादित्य प्रथम ने पल्लवों की राजधानी कांची पर अधिकार कर लिया था और इस विजय के उपरांत उसने 'राजसिंह' की उपाधि धारण की थी, जबकि पल्लव शासक नरसिंहवर्मन द्वितीय ने 'राजसिंह' की उपाधि धारण कर महाबलीपुरम में प्रसिद्ध तटीय मंदिर (Shore Temple) का निर्माण करवाया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → छठी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित 'सोलह महाजनपदों' और उनके प्रमुख शासक तथा राजनीतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अंग — ब्रह्मदत्त (अंतिम स्वतंत्र शासक जिसे मगध द्वारा विजित किया गया) 2. वत्स — उदयन (उद्यन), जो बुद्ध के समकालीन थे और जिनके प्रेम प्रसंग की कथाओं का वर्णन भास के नाटक 'स्वप्नवासवदत्ता' में मिलता है 3. अवंती — प्रद्योत् (महासേന), जिनके साथ बिम्बिसार और अजातशत्रु के राजनीतिक व चिकित्सीय संबंध रहे थे 4. गंधार — प्रसेनजित, जिन्हें बाद में अजातशत्रु द्वारा पराजित कर साम्राज्य में मिला लिया गया उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? → मुगल कालीन सिक्का "रुपया": → तुगलक कालीन सेना में "अमीर-ए-सादा" कौन होते थे?
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