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History of India
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और उनके भौगोलिक विस्तार तथा राजनैतिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. अंग - चंपा (आधुनिक भागलपुर और मुंगेर क्षेत्र)
- 2. वत्स - कौशाम्बी (आधुनिक इलाहाबाद के आसपास का क्षेत्र)
- 3. मत्स्य - विराट नगर (आधुनिक जयपुर और अलवर क्षेत्र)
- 4.
अस्मक - पोटली या पौनार (गोदावरी नदी घाटी का क्षेत्र) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्तर भारत में बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में सोलह महाजनपदों का उल्लेख मिलता है। दिए गए सभी युग्म पूरी तरह सही सुमेलित हैं। अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी जो आधुनिक भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में थी; वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी; मत्स्य महाजनपद की राजधानी विराटनगर थी जो राजस्थान के जयपुर-अलवर क्षेत्र में स्थित थी; और अस्मक (अश्मक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था जिसकी राजधानी पोटली या पौदक थी। विकिपीडिया संदर्भ
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मराठों के गौरव को बनाए रखने के लिए अंग्रेजों ने किस छोटे से राज्य की स्थापना कर शिवाजी के वंशज "प्रताप सिंह" को राजा बनाया?
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मुगल कालीन प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल में स्थापित 'दहसाला' (या जरबती) प्रबंध व्यवस्था राजा टोडरमल के वित्तीय सुधारों पर आधारित थी, जिसके अंतर्गत पिछले दस वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों के औसत उत्पादन और उनके प्रचलित बाजार मूल्यों का आकलन कर मालगुजारी का निर्धारण किया जाता था।
2. शाहजहां के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'माहवार' (Month-scale) प्रणाली लागू की गई, जिसके तहत जागीर से प्राप्त होने वाली आय के अनुपात में मनसबदारों के छह महीने या उससे कम के वेतन का समायोजन किया जाता था ताकि राजकोष पर वित्तीय बोझ को नियंत्रित किया जा सके।
3. औरंगजेब के शासनकाल में जागीरदारी संकट (Crisis of the Jagirdars) अपने चरम पर पहुँच गया, क्योंकि दक्षिण भारत के अभियानों के कारण मनसबदारों और जागीरों की संख्या में भारी असंतुलन पैदा हो गया तथा उपलब्ध उपजाऊ जागीरें (पाइबाफी भूमि) कम पड़ने के कारण मनसबदारों को खाली जागीरें मिलने में विलंब होने लगा।
4. मुगल प्रशासनिक पदानुक्रम में 'मीर बख्शी' का पद मुख्य रूप से केंद्रीय दीवान के अधीन कार्य करता था जो केवल साम्राज्य की आय और व्यय का लेखा-जोखा रखता था तथा सैन्य प्रशासन से उसका कोई सीधा संबंध नहीं होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन कंपनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी) के नियंत्रण में स्थानांतरित कर दिया गया, तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को समाप्त कर उनके समस्त अधिकार 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) और उसकी सहायता के लिए गठित 15 सदस्यीय 'इंडिया कौंसिल' को सौंप दिए गए।
2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (Queen Victoria's Proclamation), जिसे 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद के दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया था, में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार अब भारतीय रियासतों के विलय की नीति (व्यपगत सिद्धांत) को जारी रखेगी और भविष्य में किसी भी नए राज्य का अधिग्रहण किया जा सकता है।
3. इस घोषणा में भारतीयों को आश्वस्त किया गया कि ब्रिटिश सरकार उनके प्राचीन धार्मिक विश्वासों, रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, तथा योग्यता के आधार पर बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र भारतीयों को सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा।
4. इस अधिनियम द्वारा भारत के गवर्नर-जनरल के पद को समाप्त कर उसके स्थान पर 'वायसराय' का नया पद सृजित किया गया, और लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले गवर्नर-जनरल एवं अंतिम वायसराय बने।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास, राजस्व सुधारों और सैन्य संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने पारंपरिक 'इक्ता' प्रणाली को समाप्त करते हुए सीधे केंद्रीय नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया और सैनिकों को भूमि अनुदान (इक्ता) के स्थान पर नकद वेतन देने की परंपरा को दृढ़ता से लागू किया।
2. गयासुद्दीन तुगलक ने कृषि सुधारों के तहत भू-राजस्व की दर को घटाकर उपज का एक-तिहाई कर दिया तथा किसानों के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए यह नियम बनाया कि राजस्व में एक वर्ष में एक-तिहाई से अधिक की वृद्धि नहीं की जाएगी।
3. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा राजधानी परिवर्तन (दिल्ली से दौलताबाद) का निर्णय केवल तात्कालिक राजनीतिक सनक नहीं था, बल्कि इसके पीछे साम्राज्य के केंद्रीय भाग से दक्षिण भारत पर सुदृढ़ प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने की सुविचारित भू-सामरिक दूरदर्शिता थी।
4. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में राजस्व व्यवस्था को सरल बनाते हुए केवल शरीयत द्वारा स्वीकृत चार करों—खराज, जकात, जिजिया और खुम्स—को ही वैध रखा तथा सिंचाई की सुविधा के लिए अनेक नहरों का निर्माण करवाकर 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) नामक एक नया कर लगाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों को अपनी भूमि के एक निश्चित हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य करने वाली कुख्यात 'तिनकाठिया' पद्धति प्रचलित थी।
2. महात्मा गांधी के अनुरोध पर राजकुमार शुक्ल ने उन्हें चंपारण आने के लिए आमंत्रित किया था, जहाँ गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद और महादेव देसाई जैसे नेता भी जुड़े थे।
3. सरकार द्वारा गठित 'चंपारण कृषि जाँच समिति' के दबाव में आकर अंततः तिनकाठिया प्रथा को समाप्त कर दिया गया और बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस लौटाया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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