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General Science
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आणविक भार?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कुल भार।
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कौन सा दर्पण दंत चिकित्सक उपयोग करते हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रम के दौरान अयस्क को वायु की नियमित या सीमित आपूर्ति में उसके गलनांक से कम तापमान पर गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग कार्बोनेट अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने के लिए किया जाता है।
2. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में किया जाता है, जो आयरन (III) ऑक्साइड जैसे भारी धातु ऑक्साइडों को अपचयित कर पिघली हुई अवस्था में धातु प्राप्त करने में सहायता करता है।
3. 'जोन परिष्करण' (Zone Refining) विधि का उपयोग मुख्य रूप से अर्धचालकों (जैसे सिलिकॉन और जर्मेनियम) के अत्यधिक उच्च शुद्धिकरण के लिए किया जाता है, जो इस सिद्धांत पर आधारित है कि अशुद्धियाँ ठोस अवस्था की तुलना में गलित अवस्था (Molten state) में अधिक विलेय होती हैं।
4. सोडियम कार्बोनेट के निर्माण की 'सॉल्वे प्रक्रम' (Solvay Process) विधि में अमोनिया का पुनर्चक्रण किया जाता है, और इस प्रक्रिया में उपोत्पाद के रूप में कैल्शियम क्लोराइड ($CaCl_2$) प्राप्त होता है, जिससे अमोनिया की कोई बड़ी हानि नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का $3:1$ के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो स्वर्ण (Gold) और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
2. 'थर्मिट प्रक्रम' (Thermite Process) में ऐलुमिनियम चूर्ण का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, जिसका उपयोग रेलवे की टूटी हुई पटरियों या मशीन के बड़े हिस्सों को जोड़ने के लिए आयरन (III) ऑक्साइड के साथ अपचयन अभिक्रिया में किया जाता है, और यह एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है।
3. जिंक ब्लेंड ($ZnS$) और कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) जैसी सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में परिवर्तित करने के लिए 'विगलन' या 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है, जिसमें अयस्क को वायु की नियंत्रित उपस्थिति में उसके गलनांक से नीचे उच्च ताप पर गर्म किया जाता है।
4. सफेद फॉस्फोरस, लाल फॉस्फोरस से कम प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो हवा में स्वतः जल उठता है और अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, जबकि ग्रेफाइट एकमात्र ऐसा अधातु है जो विद्युत का सुचालक होने के साथ-साथ कार्बन का क्रिस्टलीय अपरूप है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज (परमाणु, आयन या अणु) हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान करने की क्षमता रखते हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं।
2. आर्हेनियस अवधारणा के अनुसार, वे पदार्थ जो जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन ($H^+$ या $H_3O^+$) उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं, किंतु यह सिद्धांत अमोनिया ($NH_3$) जैसे गैर-जलीय विलायकों में क्षारीय व्यवहार की व्याख्या करने में असमर्थ है।
3. पॉलीप्रोटिक अम्लों (जैसे फॉस्फोरस अम्ल $H_3PO_3$) के विभिन्न आयनन चरणों के वियोजन स्थिरांकों का मान घटता जाता है, अर्थात प्रथम वियोजन स्थिरांक ($K_{a1}$) द्वितीय वियोजन स्थिरांक ($K_{a2}$) से अधिक होता है।
4. किसी लवण के जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान, दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय विलयन क्षारीय प्रकृति का होता है क्योंकि इसमेंऋणायन का जल-अपघटन होता है, जिससे हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तंत्रिका तंत्र की इकाई?
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