BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
19 views

वैदिक साहित्य और उनके संकलनकर्ताओं तथा ब्राह्मण ग्रंथों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ऋग्वेद के दो सबसे प्राचीन मंडल (द्वितीय से सप्तम मंडल) 'वंश मंडल' कहलाते हैं क्योंकि इनका संकलन विभिन्न गोत्रों के ऋषियों (जैसे गृत्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अत्रि, भारद्वाज और वशिष्ठ) द्वारा किया गया था, जबकि प्रथम और दशम मंडल सबसे बाद में जोड़े गए सबसे नवीन भाग हैं।
  2. 2. 'गोपथ ब्राह्मण' एकमात्र ब्राह्मण ग्रंथ है जो अथर्ववेद से संबंधित है, जिसमें यज्ञीय अनुष्ठानों के साथ-साथ अथर्ववेद के विभिन्न मंत्रों की व्याख्या और जादू-टोने, औषधियों तथा राज्य-अभिषेक के नियमों का विवरण मिलता है।
  3. 3. शतपथ ब्राह्मण, जो शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित है, में कृषि की चारों क्रियाओं (जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई) का विस्तृत वर्णन मिलता है तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदा नीरा (गंडक नदी) पार कर पूर्व की ओर विस्तार का उल्लेख किया गया है।
  4. 4. वैदिक शब्दावली में 'दुहितु' शब्द का प्रयोग पुत्री के लिए किया जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ 'गायहंता' होता था, क्योंकि वैदिक समाज में गाय की हत्या करने पर पुत्री को मृत्युदंड दिए जाने का कठोर प्रावधान था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ऋग्वेद के मंडल 2 से 7 को वंश मंडल या ऋषि मंडल कहा जाता है क्योंकि इनकी रचना विभिन्न ऋषियों के परिवारों द्वारा की गई थी। गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद का एकमात्र ब्राह्मण ग्रंथ है। शतपथ ब्राह्मण (यजुर्वेद से संबद्ध) में कृषि कर्म और विदेह माधव की कथा का प्रसिद्ध उल्लेख है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'दुहितु' शब्द का शाब्दिक अर्थ 'गाय का दोहन करने वाली' (She who milks the cow) होता है, न कि गायहंता या हत्या की सजा से संबंधित। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Share:

Related Questions

→ वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा पुनर्गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में समानांतर सरकारों की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (चित्तू पाण्डेल), ताम्रलिक्त (मिदनापुर) की 'जातीय सरकार', तथा सतारा में नाना पाटील के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' सबसे लंबी अवधि तक चलने वाली समानांतर सरकार थी। 2. जापान के सहयोग से सिंगापुर में वर्ष 1943 में आज़ाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी) का सर्वोच्च नेतृत्व संभालने के बाद सुभाष चंद्र बोस ने 'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद' का नारा दिया तथा सिंगापुर में ही 'अस्थाई आज़ाद भारत सरकार' (आर्ज़ि-हुकूमत-ए-हिन्द) के गठन की घोषणा की। 3. आज़ाद हिंद फौज के अधिकारियों पर ब्रिटिश सरकार द्वारा दिल्ली के लाल किले में चलाए गए ऐतिहासिक मुकदमों के दौरान उनके बचाव पक्ष के मुख्य कानूनी सलाहकार भूलाभाई देसाई थे, और इस बचाव समिति में तेज बहादुर सप्रू, कैलाश नाथ काटजू, अरुणा आसफ अली तथा जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे। 4. फॉरवर्ड ब्लॉक के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन (1939) में महात्मा गांधी समर्थित पट्टाभी सीतारमैया को पराजित किया था, किंतु कांग्रेस कार्यसमिति के गठन के विवाद के कारण उन्होंने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया, जिसके उपरांत महात्मा गांधी के सुझाव पर तुरंत मौलाना আবুল कलाम आजाद को नया कांग्रेस अध्यक्ष चुना गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 19वीं शताब्दी में हुए सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, सत्यशोधक समाज, आत्मीय सभा और सर्वेंट ऑफ़ इंडिया सोसाइटी के संस्थापकों तथा उनके उद्देश्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा वर्ष 1815 में स्थापित 'आत्मीय सभा' एक ऐसी प्रारंभिक संस्था थी जिसका मुख्य उद्देश्य वेदांत के एकेश्वरवादी विचारों का प्रचार करना और समाज में व्याप्त मूर्तिपूजा तथा जटिल धार्मिक अनुष्ठानों का विरोध करना था। 2. ज्योतिराव फुले द्वारा वर्ष 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' का मुख्य वैचारिक आधार ब्राह्मणवादी प्रभुत्व को चुनौती देना, शूद्रों और अतिशूद्रों को पुरोहिती शोषण से मुक्त कराना तथा उनकी सामाजिक व शैक्षणिक उन्नति के लिए कार्य करना था। 3. गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा वर्ष 1905 में स्थापित 'सर्वेंट ऑफ़ इंडिया सोसाइटी' (भारत सेवक समाज) का मुख्य उद्देश्य देशसेवा के लिए समर्पित प्रचारकों को प्रशिक्षित करना और विभिन्न जातियों व वर्गों के बीच आपसी सद्भाव तथा शिक्षा का प्रसार करना था, जिसके पहले आजीवन सदस्य के रूप में महात्मा गांधी जुड़े थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, पल्लव राजवंश और चालुक्य राजवंश के प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सैन्य संघर्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव नरेश नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को 'मणिमंगलम् के युद्ध' में निर्णायक रूप से पराजित किया था और वातापी पर अधिकार करने के उपरांत 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी। 2. बादामी के चालुक्य वंश के प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' की रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी, जिसमें कालिदास और भारवि की कीर्ति का उल्लेख मिलता है तथा नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन पर उसकी विजय का वर्णन है। 3. पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने शासन के प्रारंभिक काल में जैन धर्म का अनुयायी होने के कारण बौद्ध धर्म का घोर उत्पीड़न किया था, किंतु शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर उसने शैव धर्म अपना लिया और त्रिचिरापल्ली तथा महाबलीपुरम में भव्य रॉक-कट मंदिरों का निर्माण करवाया। 4. महाबलीपुरम के प्रसिद्ध 'रथ मंदिरों' (सप्त पगोडा) का निर्माण पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) के शासनकाल में करवाया गया था, जो महाबलीपुरम के समुद्रतट मंदिर (Shore Temple) के समकालीन हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन ज़ीरो ऑवर' (Operation Zero Hour) के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को रातों-रात गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया था। 2. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में ब्रिटिश खुफिया नजरबंदी से बचकर 'ग्रेट एस्केप' किया और पेशावर तथा काबुल के रास्ते जर्मनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बर्लिन रेडियो से प्रसारण करते हुए पहली बार महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था। 3. आज़ाद हिंद फौज (INA) का प्रथम गठन वर्ष 1942 में रास बिहारी बोस और मेजर इवाइची फुजिवारा के प्रयासों से जापानी सेना द्वारा पकड़े गए भारतीय युद्धबंदियों को लेकर किया गया था, न कि सीधे सुभाष चंद्र बोस द्वारा। 4. सिंगापुर में प्रवासन के पश्चात सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में 'अस्थाई आज़ाद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की, जिसे जर्मनी और जापान सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) ने कूटनीतिक मान्यता प्रदान की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा पुनर्गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराने का श्रेय अरुणा आसफ अली को जाता है, जबकि उषा मेहता ने भूमिगत कांग्रेस रेडियो (Congress Radio) का सफलतापूर्वक संचालन किया था। 2. जापान के सहयोग से सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना सुभाष चंद्र बोस द्वारा अक्टूबर 1943 में की गई थी, और इसी सरकार ने ब्रिटेन तथा अमेरिका के विरुद्ध युद्ध की औपचारिक घोषणा की थी। 3. सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर से ही सिंगापुर रेडियो के माध्यम से प्रसारित अपने एक ऐतिहासिक संबोधन में महात्मा गांधी को संबोधित करते हुए उन्हें पहली बार 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर पुकारा था और आज़ाद हिंद फौज के सैन्य अभियानों के लिए उनका आशीर्वाद मांगा था। 4. भारत छोड़ो आंदोलन की औपचारिक शुरुआत से पहले ही ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन जीरो आवर्स' के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके कारण यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक और नेतृत्वहीन होकर अपने प्रारंभिक चरण में ही समाप्त हो गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.