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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था, व्यापार, मुहरों और शिल्प कला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता के लोग आंतरिक और बाह्य व्यापार दोनों में कुशल थे, और मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द का प्रयोग किया गया है, तथा यहाँ से मूँगे, लापीस लाजुली और तांबे का आयात किया जाता था।
  2. 2. सिंधु सभ्यता की अधिकांश मुहरें (Seals) सेलखड़ी (Steatite) से बनाई जाती थीं, जिन पर एकसंगी पशु (Unicorn), कूबड़ वाला बैल, बाघ और हाथी जैसे जानवरों का उत्कृष्ट अंकन मिलता है, किंतु इन मुहरों पर किसी भी मुहर पर घोड़े या गाय का चित्रांकन नहीं मिलता है।
  3. 3. लोथल और चान्हूड़ो सिंधु सभ्यता के प्रमुख शिल्प उत्पादन केंद्र (Craft Production Centres) थे, जहाँ से मनके (Beads), सीप की वस्तुएँ और मुहर निर्माण के कारखाने तथा विशेष रूप से चान्हूड़ो से मनके बनाने का कारखाना एवं वक्राकार ईंटों के साक्ष्य मिले हैं।
  4. 4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों द्वारा बाह्य व्यापार के लिए लोथल के अतिरिक्त सूतकांगेडोर, बालाकोट और अल्लादीनो जैसे तटीय बंदरगाहों का उपयोग किया जाता था, जो फारसी खाड़ी और पश्चिमी एशिया के साथ समुद्री मार्ग से व्यापार का प्रमुख साधन थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि मेसोपोटामिया के अभिलेखों में 'मेलुहा' सिंधु क्षेत्र को ही कहा गया है, किंतु सिंधुवासी लापीस लाजुली (बदख्शाँ से), मूँगे तथा तांबे (ओमान से) का आयात करते थे, जबकि मेसोपोटामिया को सूती वस्त्र, अनाज और हाथी दाँत की वस्तुओं का निर्यात किया जाता था। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। सिंधु सभ्यता की मुहरें मुख्य रूप से सेलखड़ी की बनी होती थीं जिन पर एकसंगी बैल सर्वाधिक लोकप्रिय था और इस सभ्यता में घोड़े का स्पष्ट साक्ष्य सुरकोतड़ा से मिलता है किंतु मुहरों पर घोड़े का अंकन नहीं था। चान्हूड़ो मनके बनाने के कारखाने के लिए प्रसिद्ध था। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की अर्थव्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और समकालीन सभ्यताओं के साथ इसके संपर्कों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का मेसोपोटामिया की सभ्यता के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संबंध था, जिसकी पुष्टि सुमेरियन अभिलेखों में प्रयुक्त 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द से होती है, जिसे सामान्यतः सिंधु क्षेत्र के लिए ही संदर्भित किया जाता था। 2. लोथल और सुरकोतदा जैसे तटीय स्थलों के अतिरिक्त फारस की खाड़ी (Persian Gulf) की मुहरें (Gulf seals) लोथल से प्राप्त होना यह प्रमाणित करता है कि हड़प्पावासी समुद्री व्यापार में सक्रिय रूप से संलग्न थे और ओमान व बहरीन के साथ उनका सीधा संपर्क था। 3. यद्यपि हड़प्पा सभ्यता के लोग तांबा और कांसा बनाने की उन्नत तकनीकी जानते थे, तथापि इस काल में सोने और चाँदी जैसी बहुमूल्य धातुओं का कोई भी पुरातात्विक साक्ष्य सिंधु बस्तियों से प्राप्त नहीं हुआ है, जो यह दर्शाता है कि वे इन धातुओं से पूर्णतः अपरिचित थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल और सम्राट अशोक के धम्म तथा अभिलेखीय साक्ष्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्य काल में केंद्रीय प्रशासन की देखरेख के लिए 'तीर्थ' नामक उच्च अधिकारियों की एक श्रेणी थी, जिनकी संख्या अठारह थी, और इनमें 'समहर्त्ता' आय के संग्रह और 'सान्निधाता' राजकोष एवं भण्डारगृह के प्रभारी होते थे। 2. अशोक के प्रस्तर अभिलेखों में प्रयुक्त लिपियों में ब्राह्मी और खरोष्ठी के अतिरिक्त ग्रीक (यूनानी) और अरामाईक लिपियों का भी प्रयोग मिलता है, विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत के कंधार और शहबाजगढ़ी जैसे क्षेत्रों में। 3. चंद्रगुप्त मौर्य के समय जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख से यह प्रमाणित होता है कि उनके प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने सौराष्ट्र क्षेत्र में 'सुदर्शन झील' का निर्माण करवाया था, जिसका उल्लेख बाद के शक शासक रुद्रदामन के अभिलेख में भी मिलता है। 4. अशोक के धम्म की नीति बौद्ध धर्म के राजनीतिक विस्तार और धार्मिक प्रचार तक पूरी तरह सीमित थी, जिसके कारण उन्होंने अपने साम्राज्य में सभी प्रकार के पशु-बलि और मौज-मस्ती के उत्सवों पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → किस इतिहासकार ने कहा है कि "अकबर ने सुंदर इमारतों की योजना बनाई और उन्हें पत्थर एवं गारे में साकार किया"? → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना के लिए स्थाई और नगद वेतन प्रणाली की शुरुआत की तथा सैनिकों के घोड़ों को दागने (दाग) और सैनिकों का हुलिया दर्ज करने की प्रथा को कड़ाई से लागू किया, ताकि भ्रष्टाचार को रोका जा सके। 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरीज (दलताबाद) स्थानांतरित की, जिसका मुख्य उद्देश्य साम्राज्य के केंद्रीय भाग से दक्षिण भारत पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना था, और इस दौरान उसने तांबे और कांसे के 'सांकेतिक मुद्रा' (Token Currency) का प्रचलन शुरू किया जो पूर्णतः सफल साबित हुआ। 3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार किसानों के सिंचाई संकट को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर नहरों का निर्माण करवाया और हक्क-ए-शर्ब (सिंचाई कर) नामक कर वसूल किया, साथ ही उसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगाया। 4. इल्तुतमिश ने अपने शासनकाल में 'इकता प्रणाली' को संस्थागत रूप दिया, जिसके तहत सैन्य अधिकारियों और अमीरों को नगद वेतन देने के बजाय राजस्व एकत्र करने के लिए भूमि के टुकड़े (इकता) प्रदान किए जाते थे, और यह वंशानुगत नहीं था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल तथा मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व करते हुए बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित किया और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद के लाइटहाउस' के रूप में भी जाना जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 3. बेगम हजरत महल ने ब्रिटिश सेना की दमनकारी नीतियों के आगे कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अंततः नेपाल जाकर शरण ली, जहाँ उनकी मृत्यु हुई। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह की गतिविधियों से भयभीत होकर ब्रिटिश प्रशासन ने उनके ऊपर पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था, और अंततः पुव्वयाँ के राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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