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History of India
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वर्ष 1857 के विद्रोह के विभिन्न कारणों (राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राजनीतिक कारणों के अंतर्गत लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति तथा लॉर्ड कैनिंग द्वारा मुगल सम्राटों के प्रति अपनाए गए निर्णयों ने देशी रियासतों और शाही परिवार के असंतोष को चरम पर पहुँचा दिया था, जिसके तहत लाल किले को खाली करने का आदेश भी दिया गया था।
  2. 2. सामाजिक और धार्मिक कारणों में ब्रिटिश सरकार द्वारा सती प्रथा (1829) और नरबलि जैसी कुप्रथाओं पर प्रतिबंध लगाना, तथा ईसाई मिशनरियों को सुरक्षा और प्रोत्साहन देना शामिल था, जिससे पारंपरिक भारतीय समाज को लगा कि अंग्रेजों द्वारा उनकी धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
  3. 3. आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की भू-राजस्व नीतियों और पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योगों के पतन के कारण किसानों और कारीगरों का भारी आर्थिक शोषण हुआ, तथा 'इनाम कमीशन' (Inam Commission) की स्थापना के माध्यम से हज़ारों जागीरों की जाँच कर उनकी कर-मुक्त ज़मीनों को अंग्रेजों द्वारा जब्त कर लिया गया था, जिससे भूस्वामी वर्ग भी अंग्रेजों का विरोधी बन गया।
  4. 4. विद्रोह के आर्थिक कारणों का दायरा केवल ग्रामीण क्षेत्रों और कृषक वर्ग तक सीमित था, और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों, दस्तकारों तथा व्यापारियों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा था क्योंकि ब्रिटिश मुक्त व्यापार नीति ने भारतीय नगरों में अभूतपूर्व समृद्धि ला दी थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के विद्रोह के पीछे राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों का एक लंबा इतिहास था। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सही हैं क्योंकि लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' नीति, धार्मिक सुधारों के नाम पर सामाजिक हस्तक्षेप, ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ और 'इनाम कमीशन' द्वारा कर-मुक्त जागीरों की जब्ती ने समाज के हर वर्ग को असंतोष की आग में झोंक दिया था। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि ब्रिटिश आर्थिक नीतियों और मशीन-निर्मित वस्तुओं के आयात ने शहरी क्षेत्रों के दस्तकारों, बुनकरों और कारीगरों की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर दिया था, जिससे शहरी आबादी में भी अंग्रेजों के प्रति तीव्र आक्रोश था। इस ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को और गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में हुई घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना सिटी में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिन्हें कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर सार्वजनिक रूप से फाँसी पर लटका दिया गया था। 2. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में स्थानीय सिपाहियों ने विद्रोही तेवर अपनाए, किंतु छपरा में कमिश्नर टेलर की नीति के कारण कोई भी यूरोपीय अधिकारी हताहत नहीं हुआ और तुरंत मार्शल लॉ लागू कर दिया गया। 3. दानापुर छावनी के 7वें, 8वें और 40वें रेजिमेंट के सैनिकों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार कर सीधे बाबू कुंवर सिंह की सेना में शामिल हो गए। 4. शाहबाद (आरा) क्षेत्र में विद्रोह का आरंभ बाबू कुंवर सिंह के प्रत्यक्ष नेतृत्व में हुआ था, जिन्होंने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के पहुँचने से पहले ही आरा शहर पर पूरी तरह अधिकार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मोहम्मद बिन तुगलक ने इब्न बतूता को दिल्ली में किस पद पर नियुक्त किया था? ग़दर पार्टी और उसके संस्थापकों द्वारा संचालित क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' (जिसे आगे चलकर ग़दर पार्टी के रूप में प्रसिद्धि मिली) के संस्थापक अध्यक्ष सोहन सिंह भकना थे, जबकि लाला हरदयाल इसके प्रमुख विचारक, प्रणेता और मार्गदर्शक के रूप में सक्रिय थे। 2. ग़दर पार्टी द्वारा निकाले जाने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र 'ग़दर' का मुख्य पृष्ठ हमेशा 'अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक के साथ छपता था, और यह अखबार अपनी स्थापना के समय से ही केवल गुरुमुखी और उर्दू लिपि में प्रकाशित होता था ताकि प्रवासियों तक आसानी से अपनी बात पहुँचाई जा सके। 3. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर ग़दर पार्टी के नेताओं ने 'ग़दर पाक्षिक' के माध्यम से प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करने के लिए शीघ्र भारत लौटें, जिसे 'ग़दर षड्यंत्र' के नाम से भी जाना जाता है। 4. वर्ष 1915 में ब्रिटिश सरकार द्वारा लागू किए गए 'भारत रक्षा अधिनियम' (Defence of India Act) और कड़े खुफिया तंत्र के कारण ग़दर आंदोलन का यह सशस्त्र विद्रोह समय से पहले ही विफल हो गया था, जिसके फलस्वरुप कई प्रमुख क्रांतिकारियों पर प्रसिद्ध लाहौर षड्यंत्र मुकदमा चलाया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के परिणाम और भारत सरकार अधिनियम 1858 (क्वीन विक्टोरिया की घोषणा) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के माध्यम से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का प्रशासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन कर दिया गया, जिसके तहत 'भारत के गवर्नर-जनरल' पद को 'वाइंसराय' (Viceroy) में बदल दिया गया और लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वाइसराय बने। 2. क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (Magna Carta of India) के तहत यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों (राज्यों) के विलय की नीति (जैसे व्यपगत का सिद्धांत) को त्यागती है, भारतीय राजाओं के दत्तक पुत्र लेने के अधिकारों को मान्यता दी जाती है, और भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य के विस्तार की नीति का परित्याग किया जाता है। 3. घोषणा पत्र में यह आश्वासन दिया गया कि धार्मिक और सामाजिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा तथा नस्ल या धर्म के आधार पर किसी भी भारतीय को योग्यता के अनुसार उच्च सरकारी सेवाओं से वंचित नहीं किया जाएगा, किंतु इसके साथ ही सेना के पुनर्गठन के तहत ब्रिटिश सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया और तोपखाने जैसे सामरिक और संवेदनशील विभाग पूरी तरह यूरोपीय सैनिकों के नियंत्रण में रखे गए। 4. इस अधिनियम द्वारा ब्रिटिश मंत्रिमंडल में 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के नए पद का सृजन किया गया, जिसकी सहायता के लिए पंद्रह सदस्यों की 'भारत परिषद' (India Council) का गठन किया गया, और इस परिषद का संपूर्ण व्यय ब्रिटेन के राजकोष (British Exchequer) से वहन किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को कुचले गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह को दबाने के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किया और कश्मीरी गेट पर संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। 2. सर कॉलिन कैंपबेल — लखनऊ और कानपुर क्षेत्र में विद्रोहियों का दमन किया तथा अवध की घेराबंदी समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभाई। 3. सर ह्यूरोज — झाँसी, ग्वालियर और सेंट्रल इंडिया के क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे की सेना के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया। 4. कर्नल जेम्स नील — रोहिलखंड क्षेत्र में खान बहादुर खान के विद्रोह को कुचला तथा बरेली में शांति स्थापित की। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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