BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
30 views

गाड़ियों के हेडलाइट में किस दर्पण का प्रयोग होता है?

Detailed Explanation

अवतल दर्पण प्रकाश को केंद्रित करने का कार्य करता है।
Share:

Related Questions

→ ऊष्मागतिकी के नियमों और तापमापी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्पष्ट करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी (Platinum Resistance Thermometer) विद्युत प्रतिरोध के तापमान के साथ रैखिक परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है और इसका उपयोग बहुत कम तापमान (-200°C से नीचे) से लेकर उच्च तापमान (लगभग 1200°C) तक के सटीक मापन के लिए किया जाता है। 3. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में तापीय साम्य में होते हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मान 273.16 K और 0.0061 атмосфер (atm) होता है। 4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का विनिमय शून्य होता है, जिसके कारण यदि किसी गैस का अचानक संपीडन किया जाए, तो उसकी आंतरिक ऊर्जा घट जाती है और ताप में गिरावट आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय प्रणालियों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज (परमाणु, आयन या अणु) हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान करने की क्षमता रखते हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करते हैं। 2. आर्हेनियस अवधारणा के अनुसार, वे पदार्थ जो जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन ($H^+$ या $H_3O^+$) उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं, किंतु यह सिद्धांत अमोनिया ($NH_3$) जैसे गैर-जलीय विलायकों में क्षारीय व्यवहार की व्याख्या करने में असमर्थ है। 3. पॉलीप्रोटिक अम्लों (जैसे फॉस्फोरस अम्ल $H_3PO_3$) के विभिन्न आयनन चरणों के वियोजन स्थिरांकों का मान घटता जाता है, अर्थात प्रथम वियोजन स्थिरांक ($K_{a1}$) द्वितीय वियोजन स्थिरांक ($K_{a2}$) से अधिक होता है। 4. किसी लवण के जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान, दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय विलयन क्षारीय प्रकृति का होता है क्योंकि इसमेंऋणायन का जल-अपघटन होता है, जिससे हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) मुक्त होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → लेजर (LASER) का पूर्ण रूप क्या है? → रक्त समूह की खोज? → नाइट्रोजन?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.