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प्रकाश का अपवर्तन (Refraction) क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
माध्यम बदलने पर प्रकाश की दिशा का बदलना अपवर्तन है।
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मानव शरीर में जैविक अणुओं और पोषण (Nutrition and Vitamins) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. थायमिन (विटामिन $B_1$) का सक्रिय रूप 'थायमिन पाइरोफास्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट डीहाइड्रोजनेज और अल्फा-कीटोसुग्लेरेट डीहाइड्रोजनेज एंजाइमों के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम (Coenzyme) के रूप में कार्य करता है।
2. नियासिन (विटामिन $B_3$) का संश्लेषण मानव शरीर में ट्रिप्टोफैन अमीनो अम्ल से भी हो सकता है, और इसके व्युत्पन्न 'निकोटिनएमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (NAD⁺) तथा 'NADPH' ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण और अपचयी मार्गों में इलेक्ट्रॉन वाहक की भूमिका निभाते हैं।
3. टोकोफेरॉल (विटामिन $E$) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोशिका झिल्ली में मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड को लिपिड पेराक्सिडेशन से बचाता है तथा एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।
4. विटामिन $K$ (फिलोक्विनोन) यकृत में प्रोथ्रोम्बिन और अन्य रक्त स्कंदन कारकों (Clotting factors II, VII, IX, X) के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक को-फैक्टर है, जो रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले विशिष्ट एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के आधार पर रक्त वर्गों का निर्धारण होता है, जबकि प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) अनुपस्थित होते हैं।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Phenotype / $h/h$) एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है, जिसमें व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' का पूर्णतः अभाव होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (जैसे A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त करने पर गंभीर आधान प्रतिक्रिया (Transfusion reaction) का सामना कर सकते हैं।
3. Rh कारक (Rh Factor) एक अन्य महत्वपूर्ण एरिथ्रोसाइट एंटीजन है; यदि Rh-धनात्मक (Rh+) रक्त को किसी Rh-ऋणात्मक (Rh-) व्यक्ति में पहली बार चढ़ाया जाए, तो प्राप्तकर्ता के शरीर में Rh एंटीबॉडी का निर्माण होता है, जिससे तुरंत गंभीर हीमोलिटिक आधान प्रतिक्रिया होती है।
4. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-ऋणात्मक माता और एक Rh-धनात्मक पिता से उत्पन्न होने वाला दूसरा या उसके बाद का गर्भ Rh-धनात्मक होता है, और इसके निवारण के लिए प्रसव के तुरंत बाद माता को एंटी-D इम्युनोग्लोबुलिन (Rh0(D) immune globulin) दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगामी (randomly mating) जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन (genetic drift) जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. 'अनुलेखन' (Transcription) के दौरान, डीएनए की केवल एक रज्जु (strand) जिस पर 'एंटीसेंस' या 'टेंपलेट' रज्जु कहा जाता है, आरएनए पोलीमरेज़ द्वारा आरएनए संश्लेषण के लिए खाका के रूप में कार्य करती है, और इसका अनुलेखन हमेशा 5' से 3' दिशा में होता है क्योंकि एंजाइम केवल इसी दिशा में न्यूक्लियोटाइड को जोड़ सकता है।
3. लामार्कवाद (Lamarckism) के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) और आधुनिक संश्लेषणात्मक सिद्धांत (Modern Synthetic Theory of Evolution) यह प्रतिपादित करते हैं कि जीवन काल में जीवों द्वारा उपार्जित लक्षण (acquired characters) आनुवंशिक रूप से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित नहीं होते हैं, बल्कि केवल जनन कोशिकाओं में होने वाले वंशागत परिवर्तन ही जैव विकास का आधार बनते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश-स्वतंत्र चक्र (केल्विन चक्र) और पादप हार्मोनों की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) पादप जगत के पहले ऐसे स्थल पौधे हैं जिनमें वास्तविक संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनका मुख्य पादप शरीर स्पोरोफाइट (बीजाणोद्भिद) होता है, जो जड़, तना और पत्तियों में विभेदित रहता है।
2. C3 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण 'PEP कार्बोक्सिलेज' एंजाइम द्वारा होता है, जिससे 4-कार्बन वाला यौगिक (ऑक्सालोएसेटिक एसिड) बनता है, जबकि C4 पौधों में यह कार्य रुबिस्को (RuBisCO) एंजाइम द्वारा 3-कार्बन यौगिक (PGA) के माध्यम से संपन्न होता है।
3. एथिलीन (Ethylene) एक गैसीय पादप हार्मोन है जो फलों के पकने (Fruit ripening) को प्रेरित करता है, तथा यह पादपों में 'ट्रिपल रिस्पांस' (शीर्ष की गोलाई, अनुप्रस्थ वृद्धि और क्षैतिज वृद्धि) को भी नियंत्रित करता है।
4. abscisic acid (ABA) को 'तनाव हार्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, क्योंकि यह जल की कमी की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है और बीजों के प्रसुप्तिकरण (Seed dormancy) को बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो उसकी गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग होती है, और यह ऋणात्मक मान इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की कक्षीय चाल ध्रुवीय उपग्रहों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह को पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है और इसका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है।
3. भारहीनता (Weightlessness) की स्थिति में अंतरिक्ष यान के भीतर किसी वस्तु का आभासी भार शून्य होता है, क्योंकि अंतरिक्ष यान और उसमें स्थित वस्तु दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के अधीन समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं।
4. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, अर्थात अधिक द्रव्यमान वाले उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए कम पलायन वेग की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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