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General Science
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हीरे का चमकना किस घटना का उदाहरण है?

Detailed Explanation

पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण ही हीरा चमकता है।
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→ प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों और लेंसों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी अवतल दर्पण (Concave mirror) के सामने जब वस्तु को उसके वक्रता केंद्र (Centre of curvature) और फोकस (Focus) के बीच रखा जाता है, तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से आकार में बड़ा होता है। 2. उत्तल लेंस (Convex lens) की क्षमता धनात्मक होती है, और जब इस लेंस को किसी ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है। 3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens maker's formula) के अनुसार, किसी पतले लेंस की फोकस दूरी लेंस के दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, तथा यह प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) से पूर्णतः स्वतंत्र होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → विद्युत धारा का मात्रक? → यूकेरियोटिक कोशिका चक्र (Eukaryotic Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र की 'G0 अवस्था' (शंत अवस्था) में कोशिकाएं उपापचय रूप से सक्रिय रहती हैं किंतु वे कोशिका चक्र से बाहर निकलकर बिना विभाजित हुए लंबी अवधि तक जीवित रह सकती हैं, जैसे कि मानव शरीर की हृदय पेशी कोशिकाएं (Cardiac muscle cells)। 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator) पर संरेखित हो जाते हैं, और इस अवस्था में तर्कु तंतु (Spindle fibers) गुणसूत्रों के सेंट्रोमियर पर स्थित 'काइनेटोकोर' (Kinetochore) प्रोटीन संरचना से जुड़ते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकितीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समझात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है। 4. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के दौरान गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है, जो हमेशा युग्मक जनन (Gametogenesis) के समय ही होती है और यह प्रक्रिया सभी पादप एवं जंतु कोशिकाओं में द्विगुणित से अगुणित अवस्था में परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → किसी वस्तु का भार सर्वाधिक कहाँ होता है? → अनुदैर्ध्य तरंगों के माध्यम में संचरण, ध्वनि की चाल और डोप्लर प्रभाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान, संपीड़न (Compression) वाले स्थानों पर माध्यम का दाब और घनत्व दोनों अपने अधिकतम मान पर होते हैं, जबकि विरलन (Rarefaction) के स्थानों पर ये अपने न्यूनतम मान पर होते हैं। 2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है, क्योंकि संपीडन और विरलन के समय उत्पन्न होने वाली ऊष्मा तुरंत परिवेश में विसृत हो जाती है। 3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता में परिवर्तन के कारण उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं। 4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक-दूसरे की ओर समान वेग से गति करते हैं, तब श्रोता द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है और वह मूल आवृत्ति के बराबर ही बनी रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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