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General Science
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लेंस का सूत्र?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1/f = 1/v - 1/u।
Related Questions
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चार्ल्स नियम?
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांतों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस संकल्पना के अनुसार, वे सभी स्पीशीज जो एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (Lone pair of electrons) प्रदान करने की क्षमता रखती हैं, लुईस क्षार कहलाती हैं, और सभी ऋणावेशित आयन तथा अमोनिया ($NH_3$) इस श्रेणी के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार, किसी दुर्बल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) हमेशा एक प्रबल क्षार होता है, जबकि प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार अत्यधिक दुर्बल या उदासीन प्रवृत्ति का होता है।
3. जब किसी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बने लवण (जैसे अमोनियम क्लोराइड - $NH_4Cl$) का जलीय अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और इसका pH मान 7 से कम होता है।
4. जल के आयनिक गुणनफल ($K_w$) का मान तापमान पर निर्भर करता है; तापमान बढ़ाने पर जल का स्व-आयनन (Self-ionization) बढ़ जाता है, जिसके कारण शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, किंतु जल अभी भी अम्लीय हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्लाज्मा प्रोटीन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्लाज्मा में पाई जाने वाली 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) प्रोटीन यकृत द्वारा संश्लेषित होती है और यह रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेती है, जबकि 'एल्ब्यूमिन' (Albumin) रक्त के ऑस्मोटिक दाब (Colloidal osmotic pressure) को बनाए रखने का कार्य करती है।
2. जब किसी व्यक्ति को 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस' (Erythroblastosis fetalis) जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो यह विसंगति Rh-धनात्मक माता और Rh-ऋणात्मक पिता के गर्भधारण के समय उत्पन्न होती है, जिससे भ्रूण की लाल रक्त कणिकाएँ नष्ट होने लगती हैं।
3. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की प्रक्रिया के दौरान, सक्रिय 'थ्रोम्बिन' एंजाइम घुलनशील 'फाइब्रिनोजेन' को अघुलनशील 'फाइब्रिन' तंतुओं में परिवर्तित करता है, जो रक्त कोशिकाओं को फंसाकर थक्का बनाते हैं।
4. रक्त समूह 'O' (नेगेटिव) को 'सर्वदाता' (Universal donor) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर A, B और Rh तीनों प्रकार के प्रतिजन (Antigens) पूर्ण रूप से अनुपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, जिसका मुख्य कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होना है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित होते हैं।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन (F) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन (Cl) से अधिक ऋणात्मक (उच्चतम) होती है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है।
3. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग उनके ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
4. आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) का क्रमिक मान किसी परमाणु से इलेक्ट्रॉनों को निकालने की कठिनाई को दर्शाता है, और किसी भी उदासीन परमाणु की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी हमेशा उसकी प्रथम आयनन एन्थैल्पी से अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर सेल?
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