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History of India
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क्रांतिकारी आंदोलन के प्रथम चरण तथा प्रमुख गुप्त संगठनों एवं षड्यंत्र मामलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1904 में विनायक दामोदर सावरकर (VD Savarkar) और उनके भाई गणेश दामोदर सावरकर द्वारा नासिक में स्थापित 'मित्र मेला' को ही वर्ष 1906 में 'अभिनव भारत सोसाइटी' के रूप में पुनर्गठित किया गया था, जो मैजिनी के 'यंग इटली' संगठन से प्रेरित थी।
  2. 2. वर्ष 1912 में दिल्ली के चांदनी चौक में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना का मुख्य मस्तिष्क रास बिहारी बोस और सचिन सन्याल का था, जिसे अंजाम देने वाले प्रमुख क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास, अमीर चंद और अवध बिहारी थे।
  3. 3. वर्ष 1907 में जर्मनी के स्टुटगार्ट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में मैडम कामा ने जो तिरंगा ध्वज फहराया था, उसे मुख्य रूप से श्यामजी कृष्ण वर्मा और वीर सावरकर के सहयोग से डिजाइन किया गया था।
  4. 4. अलीपुर बम षड्यंत्र मामला (1908) के दौरान अरबिंदो घोष और उनके भाई बारिन घोष को क्रांतिकारियों को हथियार एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और इस मुकदमे में अरबिंदो घोष का बचाव प्रसिद्ध वकील चित्तरंजन दास (CR Das) ने किया था जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बरी कर दिया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। वर्ष 1904 में वीडी सावरकर द्वारा स्थापित 'मित्र मेला' को आगे चलकर 'अभिनव भारत' नाम दिया गया। दिल्ली षड्यंत्र केस (1912) में लॉर्ड हार्डिंग पर हमले का नेतृत्व रास बिहारी बोस ने किया था। स्टुटगार्ट में मैडम कामा द्वारा फहराया गया ध्वज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था। इसके अलावा, अलीपुर बम षड्यंत्र मामला (1908) क्रांतिकारी इतिहास में मील का पत्थर है जिसमें चित्तरंजन दास ने अरबिंदो घोष का सफलतापूर्वक बचाव किया था। इस प्रकार के राष्ट्रवादी आंदोलनों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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