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History of India
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक ज्ञान था और इसका प्रयोग अस्त्र-शस्त्रों तथा कृषि उपकरणों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता था, जिसे वेदों में 'अयस' कहा गया है।
  2. 2. शतपथ ब्राह्मण और ऐतरेय ब्राह्मण जैसे ग्रंथ उत्तर वैदिक काल से संबंधित हैं, जिनमें कृषि की उन्नत तकनीकों, राजसूय तथा अश्वमेध जैसे राजकीय यज्ञों और सामाजिक स्तरीकरण का विस्तृत विवरण मिलता है।
  3. 3. ऋग्वेद की कई नदियाँ अफगानिस्तान और पंजाब क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिनमें कुभा (काबुल), क्रुमु (कुर्रम) और गोमती (गोमल) नदियों के उल्लेख से आर्यों के भौगोलिक विस्तार का पता चलता है।
  4. 4. वैदिक कालीन समाज में महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय थी; उन्हें उपनयन संस्कार का अधिकार नहीं था, वे सभा और समिति जैसी राजनीतिक संस्थाओं में भाग नहीं ले सकती थीं और वे उच्च कोटि की विदुषी (जैसे गार्गी और मैत्रेयी) नहीं हो सकती थीं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि ऋग्वैदिक काल के लोग लोहे (श्याम अयस) से परिचित नहीं थे; उन्हें तांबे और कांसे का ज्ञान था। भारत में लोहे का वास्तविक प्रयोग लगभग 1000 ईसा पूर्व (उत्तर वैदिक काल) से आरंभ हुआ। कथन 2 सत्य है, शतपथ और ऐतरेय ब्राह्मण उत्तर वैदिक काल के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं जिनमें कृषि और यज्ञों का विस्तृत वर्णन है। कथन 3 सत्य है, ऋग्वेद के नदीसूक्त में अफगानिस्तान की नदियों (कुभा, क्रुमु आदि) का उल्लेख है। कथन 4 असत्य है क्योंकि ऋग्वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति बेहतर थी; उन्हें उपनयन का अधिकार था, वे सभा-समिति में जाती थीं और गार्गी-मैत्रेयी जैसी विदुषियाँ थीं। इस ऐतिहासिक कालखंड के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में हुए संघर्ष और उनके दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें ब्रिटिश सेना द्वारा उनकी सैन्य क्षमताओं के कारण 'डंका शाह' भी कहा जाता था, और वे अंत में पुवायाँ के राजा की गद्दारी के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। 2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करने वाले खान बहादुर खान ने ब्रिटिश शासन के पतन के बाद अपनी स्वतंत्र सरकार गठित की थी, जिसे मार्च 1858 में सर कॉलिन कैंपबेल के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना ने पूरी तरह से कुचल दिया और उन्हें बाद में फाँसी दे दी गई। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह की कमान संभाली थी, और इस महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील ने अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों का सहारा लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के अधिकारियों और विद्रोह के दमन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली — जॉन निकलसन 2. लखनऊ — कॉलिन कैंपबेल 3. कानपुर — सर ह्यूरोज़ 4. झांसी और ग्वालियर — नील एवं हैवलाक उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, आर्थिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में पहली बार शुद्ध अरबी के सिक्के—चांदी का 'टका' और तांबे का 'जीतल'—प्रचलित किए, तथा प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए 'तुर्कान-ए-चहलगानी' (चालीस गुलाम सरदारों का दल) का गठन किया। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने साम्राज्य की आर्थिक स्थिति पर नियंत्रण रखने और बड़ी स्थायी सेना के रखरखाव के लिए बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की, जिसके तहत 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई तथा नगद वेतन के स्थान पर भूमि अनुदान (इकता) प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया। 3. फिरोजशाह तुगलक ने किसानों के आर्थिक कल्याण के लिए कृषि विभाग 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना की और सिंचाई की सुविधा के लिए अनेक नहरों का निर्माण कराया, साथ ही शरियत के विरुद्ध वसूले जाने वाले 24 प्रकार के कष्टदायक करों को समाप्त कर केवल चार प्रकार के वैध कर—खराज, जकात, जिजिया और खुम्स—ही रखे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? बिहार के अन्य क्षेत्रों—विशेष रूप से पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा—में 1857 के विद्रोह के घटनाक्रम और उसके नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खां ने किया था, जिनके नेतृत्व में हुए इस संघर्ष में अफीम एजेंट डॉ. लायेल मारा गया था, किंतु ब्रिटिश अधिकारियों ने शीघ्र ही इस विद्रोह को कुचलकर पीर अली खां को फाँसी दे दी थी। 2. दानापुर छावनी (Danapur Cantonment) के 7वें, 8वें और 40वें रेजिमेंट के भारतीय सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और सोन नदी पार करके आरा की ओर कूच किया था, जहाँ उन्होंने कुंवर सिंह की सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाया था। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में भी 1857 के विद्रोह की सुगबुगाहट तेज हो गई थी, जहाँ मुजफ्फरपुर में यूरोपीय अधिकारियों और प्रिंगल महोदय के खिलाफ असंतोष फूटा था, जबकि छपरा में विद्रोही सिपाहियों और स्थानीय जमींदारों ने ब्रिटिश संचार व्यवस्था और सरकारी भवनों को निशाना बनाया था। 4. पटना के कमिश्नर विलियम टेलर ने बिहार में बढ़ते विद्रोही तेवरों को दबाने के लिए अत्यधिक दमनकारी और क्रूर नीतियां अपनाई थीं, जिसके तहत उसने पटना के मौलवी अहमदुल्लाह, वारिस अली और मोहम्मद हुसैन जैसे प्रमुख संदिग्ध मुस्लिम विद्वानों को षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार कर मृत्युदंड दे दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक-धार्मिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी का विलय किया गया, जिससे पारंपरिक शासकों और उनके आश्रितों में गहरी असुरक्षा और आक्रोश की भावना उत्पन्न हुई। 2. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों (विशेषकर मुक्त व्यापार और एकतरफा शुल्क व्यवस्था) के कारण पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों का तीव्र पतन हुआ, जिससे बड़ी संख्या में कारीगर और दस्तकार बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए। 3. वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के तहत पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकार के अधिकार को हिंदू धर्म त्यागने या ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्तियों के लिए भी सुरक्षित कर दिया गया, जिसे रूढ़िवादी भारतीय समाज ने धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने के षड्यंत्र के रूप में देखा। 4. सेना के भीतर लागू 'सामान्य सेवा उपनियम अधिनियम' (General Service Enlistment Act, 1856) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुद्र पार (काला पानी) जाकर भी सेवा देनी होगी, जिससे तत्कालीन सैनिकों की रूढ़िवादी धार्मिक मान्यताओं और जातियों की पवित्रता को ठेस पहुँची। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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