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History of India
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा सर्वप्रथम लॉर्ड कर्जन द्वारा दिसंबर 1903 में की गई थी, जिसके विरोध में राइजिंग सन और हितवादी जैसे समाचार पत्रों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
  2. 2. 16 अक्टूबर 1905 को जब बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, तो संपूर्ण बंगाल में इस दिन को 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधी और रबींद्रनाथ ठाकुर के प्रसिद्ध गीत 'आमार सोनार बांग्ला' को गाया गया।
  3. 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए, जिसके तहत अक्टूबर 1906 में बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके प्रथम प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) अरविंद घोष को नियुक्त किया गया।
  4. 4. स्वदेशी आंदोलन के प्रसार के क्रम में दक्षिण भारत में वी. चिदंबरम पिल्ले (V.O. Chidambaram Pillai) ने तूतिकोरीन में 'स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी' की स्थापना की, ताकि ब्रिटिश मर्चेंट शिपिंग को कड़ी टक्कर दी जा सके।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बंगाल विभाजन की औपचारिक घोषणा दिसंबर 1903 में की गई थी और 16 अक्टूबर 1905 को इसे लागू किया गया। इस अवसर पर पूरे बंगाल में शोक दिवस मनाया गया, रक्षा बंधन का त्योहार आपसी एकता के प्रतीक के रूप में मनाया गया और रबींद्रनाथ टैगोर (ठाकुर) द्वारा रचित 'आमार सोनार बांग्ला' इस आंदोलन का राष्ट्रगीत बन गया। स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान शिक्षा के राष्ट्रीयकरण पर जोर दिया गया जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना हुई और अरविंद घोष इसके पहले प्रिंसिपल बने। दक्षिण भारत में वी.ओ. चिदंबरम पिल्ले ने स्वदेशी नौकायन कंपनी (Swadeshi Steam Navigation Company) की शुरुआत कर ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती दी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरा और शाहबाद क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध भीषण संघर्ष का नेतृत्व करने वाले बाबू कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना को कई मोर्चों पर परास्त किया तथा अपनी वृद्धावस्था के बावजूद गंगा नदी पार करते समय अंग्रेजों की गोली से घायल होने पर अपना एक हाथ स्वयं काटकर गंगा को समर्पित कर दिया था। 2. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को समाप्त करने के बजाय कैमूर की पहाड़ियों और जंगलों से छपाए-मार (Guerrilla) युद्ध की रणनीति का सफल संचालन किया और लंबे समय तक ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी। 3. अमर सिंह के नेतृत्व वाले इस विद्रोही प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार ने बिहार में अत्यधिक दमनकारी नीतियां अपनाईं, जिसके तहत अंततः अमर सिंह को नेपाल नरेश द्वारा शरण दिए जाने के कारण ब्रिटिश सेना उन्हें कभी गिरफ्तार नहीं कर पाई और उनकी मृत्यु नेपाल की तराई में ही प्राकृतिक कारणों से हुई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक स्वरूप के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।" — आर. सी. मजूमदार 2. "यह पूर्णतः देशभक्ति से रहित और स्वार्थी सिपाही विद्रोह था, जिसमें ब्रिटिश शासन के प्रति कोई राजनीतिक दूरदर्शिता या राष्ट्रीय भावना नहीं थी।" — सर जॉन सीले 3. "यह सुनियोजित राष्ट्रीय षड्यंत्र था, जिसे विदेशी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए एक सुसंगत रणनीति के तहत चलाया गया था।" — वी. डी. सावरकर 4. "यह बर्बरता और सभ्यता के बीच का संघर्ष था, जहाँ अंग्रेजों का शासन बनाए रखना मानवता और प्रगति के लिए अनिवार्य था।" — टी. आर. होम्स उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? मुगल काल में "मीर बख्शी" था: वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों और ब्रिटिश विचारकों द्वारा दिए गए मतों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. "यह राष्ट्रीय विद्रोह नहीं था, न ही यह प्रथम, न ही लोकप्रिय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।" — आर. सी. मजूमदार 2. "यह विशुद्ध रूप से एक सिपाही विद्रोह था, जो केवल ब्रिटिश शासन के प्रति अनुशासनहीनता का परिणाम था।" — सर जॉन सीले 3. "यह बर्बरता और सभ्यता के बीच का युद्ध था, जिसमें अंग्रेजों को क्रूरता से कुचलना आवश्यक था।" — टी. आर. होम्स 4. "यह सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था, जिसे सुनियोजित तरीके से भारत की जनता ने विदेशी सत्ता को उखाड़ने के लिए लड़ा था।" — वी. डी. सावरकर उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी में हुई घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बेस मस्कट बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों सार्जेंट ह्यूसन और लेफ्टिनेंट बो पर हमला कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई। 3. चर्बी वाले कारतूसों की घटना से पूर्व ही जनवरी 1857 के अंत में दमदम और बहरामपुर (बरहमपुर) छावनियों में भी सैनिकों द्वारा इन नए कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध असंतोष और विरोध प्रदर्शन दर्ज किए जा चुके थे। 4. मंगल पांडे द्वारा विद्रोह की शुरुआत करने के तुरंत बाद ही बैरकपुर छावनी के समस्त भारतीय सैनिकों ने अंग्रेजों के विरुद्ध औपचारिक रूप से एक अखिल भारतीय सरकार की घोषणा कर दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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