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History of India
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitri) शब्द का शाब्दिक अर्थ गाय का दोहन करने वाली पुत्री से था, तथा इस काल में महिलाओं को उपनयन संस्कार, वेदों के अध्ययन और सभा एवं समिति जैसी राजनीतिक संस्थाओं में भाग लेने का अधिकार प्राप्त था।
- 2. उत्तर वैदिक काल में गोत्र व्यवस्था एक संस्था के रूप में स्थापित हुई, जिसका मूल अर्थ 'वह स्थान जहाँ समूचे कुल का गोधन पाला जाता था' था, किंतु इस काल आते-आते गोत्र के अंतर्गत अंतर्गोत्र विवाह (Exogamy) पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया।
- 3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि की चारों क्रियाओं—जुताई, बुआई, कटाई और मड़ाई—का विस्तृत वर्णन मिलता है, तथा इस ग्रंथ में विदेह माधव की कथा का उल्लेख है, जो आर्यों के उत्तर भारत से सदाानीरा (गंडक) नदी के पार पूर्व दिशा की ओर विस्तार को दर्शाती है।
- 4. ऋग्वेद में उल्लिखित 'दशराज युद्ध' (दस राजाओं का युद्ध) परूष्णी (रावी) नदी के तट पर लड़ा गया था, जिसमें भरत कबीले के राजा सुदास ने त्रित्सु और अन्य दस कबीले के संघ को पराजित किया था, और इस युद्ध में विश्वामित्र ने सुदास का पुरोहित के रूप में साथ दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ऋग्वैदिक काल में समाज पितृसत्तात्मक था, फिर भी महिलाओं की स्थिति सम्मानजनक थी; उन्हें वेदों के अध्ययन, उपनयन संस्कार और 'सभा' व 'समिति' जैसी संस्थाओं में भाग लेने की स्वतंत्रता थी। उत्तर वैदिक काल में गोत्र प्रथा स्थापित हुई और सगोत्र विवाह (Endogamy) वर्जित हो गए। 'शतपथ ब्राह्मण' में कृषि कर्म के चरणों के साथ-साथ विदेह माधव और आग्नि वैश्वानर की कथा मिलती है, जो सदाानीरा नदी तक आर्यों के प्रसार को दर्शाती है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'दशराज युद्ध' में राजा सुदास के पुरोहित **वशिष्ठ** थे, जबकि विश्वामित्र विरोधी दस राजाओं के संघ के पुरोहित थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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ब्रह्मणों पर "जजिया कर" लगाने वाला प्रथम मुसलमान शासक कौन था?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुए घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पीर अली नामक एक पुस्तक विक्रेता ने किया था, जिसे कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर गिरफ्तार कर फांसी दे दी गई थी।
2. दानापुर छाउनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार करके बाबू कुंवर सिंह से जा मिले।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा में विद्रोह की शुरुआत यूरोपीय अधिकारियों के विरुद्ध स्थानीय जमींदारों और अफीम एजेंटों के संयुक्त नेतृत्व में हुई, जहाँ अंग्रेजों ने तुरंत मार्शल लॉ लागू कर दिया था।
4. आरा (शाहाबाद) में बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व में विद्रोहियों ने ब्रिटिश कैदियों को मुक्त कराने के साथ-साथ कलेक्टर लिटन (Litton) को पराजित कर शहर पर अधिकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, मनसबदारी प्रणाली और केंद्रीय मंत्रियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर द्वारा प्रारंभ की गई मनसबदारी प्रणाली में 'जात' पद मनसबदार की व्यक्तिगत स्थिति और उसके वेतन को निर्धारित करता था, जबकि 'सवार' पद उसके द्वारा रखे जाने वाले घोड़ों और घुड़सवार सैनिकों की संख्या को दर्शाता था।
2. शाहजहाँ के शासनकाल में मनसबदारी प्रणाली के अंतर्गत 'सिंहमह' (Du-aspa Sih-aspa) प्रणाली शुरू की गई थी, जिसके तहत बिना जात पद बढ़ाए घुड़सवारों की संख्या दोगुनी की जा सकती थी।
3. मुगल केंद्रीय प्रशासन में 'मीर बख्शी' सैन्य विभाग का प्रमुख होने के साथ-साथ खुफिया और सूचना विभाग (वाइफाइ नवीस) का भी प्रभारी था, तथा वह मनसबदारों के घोड़ों के दागने (दाग) और सैनिकों के हुलिया का निरीक्षण करने का उत्तरदायित्व निभाता था।
4. औरंगजेब के शासनकाल में मराठा मनसबदारों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, और संपूर्ण मुगल इतिहास में मराठा मनसबदारों का प्रतिशत उसके काल में सर्वाधिक था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह की प्रकृति और इसके वैचारिक आधार के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों और विचारकों द्वारा दिए गए कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था" — वी.डी. सावरकर
2. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था" — आर.सी. मजूमदार
3. "यह सभ्यता और बर्बरता के बीच का संघर्ष था" — टी.आर. होम्स
4. "यह राष्ट्रीय विद्रोह न होकर एक सैनिक विद्रोह (सिपाही म्यूटिनी) मात्र था" — सर जॉन सीले
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' (1 नवंबर 1858) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के पद का सृजन किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में भारतीय रियासतों को भविष्य में किसी भी प्रकार के नए क्षेत्र विस्तार (विलय) की नीति को औपचारिक रूप से त्यागने का आश्वासन दिया गया तथा देशी राजाओं को गोद लेने के अधिकार (दत्तक पुत्र की अनुमति) को मान्यता दी गई।
3. इस घोषणा में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया कि भारत के सभी नागरिकों को उनकी नस्ल, धर्म, जन्मस्थान और रंग के भेदभाव के बिना उनकी योग्यता के आधार पर उच्च सरकारी सेवाओं (Civil Services) में बिना किसी पक्षपात के समान अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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