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History of India
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मौर्य साम्राज्य के प्रशासन, आर्थिक नियंत्रण और सामाजिक जीवन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, मौर्यकालीन केंद्रीय प्रशासन में कर संग्रह और राजकीय आय के निर्धारण का सर्वोच्च उत्तरदायित्व 'समाहर्त्ता' नामक अधिकारी का था, जबकि राजकोष और अभिलेखागार का मुख्य संरक्षक 'सन्निधातृ' कहलाता था।
  2. 2. मेगस्थनीज द्वारा वर्णित 'इंडिका' के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था, जो छह समितियों में विभाजित थी, और इनमें से पाँचवीं समिति का मुख्य कार्य विक्रय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले कर (मूल्य का दसवां भाग) के रूप में कर चोरी करने वालों को मृत्युदंड देना था।
  3. 3. अशोक के अपने धम्म महामात्रों की नियुक्ति के माध्यम से समाज में नैतिक संहिता को बढ़ावा दिया गया, किंतु उनके 'स्तंभ लेख IV' से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने न्याय प्रशासन में एकरूपता लाते हुए मृत्युदंड प्राप्त कैदियों को क्षमादान देने या उनकी सजा माफ करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त 'जीवन-दान' अवकाश प्रदान किया था।
  4. 4. मौर्य काल में राज्य के प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले उद्योगों (जैसे खान, वस्त्र और मदिरा उत्पादन) में कार्यरत श्रमिकों और कारीगरों के नियमन के लिए अर्थशास्त्र में कड़े दंडों का विधान था, और विदेशी व्यापारियों के आवागमन व गतिविधियों की निगरानी के लिए अलग से 'अतिथियों' (विदेशी पर्यटकों/व्यापारियों) के विभाग की व्यवस्था थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार 'समाहर्त्ता' राजस्व संग्रह का मुख्य अधिकारी था तथा 'सन्निधातृ' कोषाध्यक्ष था। कथन 2 गलत है क्योंकि मेगस्थनीज की इंडिका के अनुसार छठी समिति का कार्य बिक्री कर (मूल्य का दसवां हिस्सा) वसूल करना था, और कर चोरी करने वालों को मृत्युदंड दिया जाता था, लेकिन यह विवरण पाँचवीं नहीं बल्कि छठी समिति से संबंधित था। कथन 3 सही है, अशोक के स्तंभ लेख IV के अनुसार राजा ने न्याय व्यवस्था में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृत्युदंड पाए कैदियों को तीन दिन का 'जीवन-दान' दिया। कथन 4 सही है, मौर्य प्रशासन में राज्य के कारखानों और व्यापारिक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण था तथा विदेशी व्यापारियों की देखरेख के लिए विशेष व्यवस्था थी। विकिपीडिया संदर्भ
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