त्वरित लिंक्स
History of India
23 views
मौर्य साम्राज्य के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासनकाल तथा उनकी प्रशासनिक एवं धार्मिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जैन परंपरा के अनुसार, अपने शासन के अंतिम वर्षों में चंद्रगुप्त मौर्य ने भीषण अकाल के समय भद्रबाहु के प्रभाव में आकर जैन धर्म दीक्षा ली और श्रवणबेलगोला में संलेखना (संथारा) पद्धति द्वारा अपने प्राण त्याग दिए थे।
- 2. अशोक के 'भाब्रू (बैराट) लघु शिलालेख' से यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि उनका व्यक्तिगत झुकाव बौद्ध धर्म की त्रिरत्न (बुद्ध, धम्म और संघ) में अटूट आस्था और निष्ठा के प्रति था।
- 3. अशोक के धम्म महामात्रों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना था, और धम्म नीति के अंतर्गत उन्होंने पशु-बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ केवल शाकाहारी भोजन को अनिवार्य कर दिया था।
- 4. यूनानी इतिहासकार प्लूटार्क और जस्टिन के विवरणों के अनुसार, चंद्रगुप्त मौर्य ने अपनी विशाल सेना (जिसमें छह लाख सैनिक शामिल थे) के बल पर संपूर्ण भारत को रौंद डाला और यूनानी क्षत्रप सेलुकस निकेटर को पराजित कर एरिया, अराकोसिया, जेड्रोसिया और पैरोपैनिसाडाई के प्रदेश प्राप्त किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि जैन ग्रंथों के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य अपने अंतिम समय में जैन भिक्षु भद्रबाहु के साथ मैसूर के श्रवणबेलगोला गए और वहाँ उपवास द्वारा प्राण त्यागे। कथन 2 सही है क्योंकि भाब्रू लघु शिलालेख में अशोक बुद्ध, धम्म और संघ के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अशोक ने पशुओं की बलि और अनावश्यक वध पर रोक जरूर लगाई थी, किंतु उन्होंने राज्य में मांसाहार या शाकाहारी भोजन को पूरी तरह अनिवार्य नहीं किया था, बल्कि अपने शुरुआती दौर में रसोई में मारे जाने वाले पशुओं की संख्या सीमित की थी। कथन 4 सही है क्योंकि यूनानी लेखकों (जैसे प्लूटार्क और जस्टिन) के अनुसार चंद्रगुप्त ने अपनी विशाल सेना से पूरे देश पर अधिकार किया और सेलुकस निकेटर के साथ हुई संधि में चार बड़े प्रांत (काबुल, कंधार, हेरात और बलूचिस्तान) प्राप्त किए थे। इस काल के विस्तार से अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की सुदृढ़ीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी फरमान के तहत ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल में 3,000 रुपये वार्षिक भुगतान के एवज में मुक्त व्यापार (दस्तक का उपयोग करने की स्वतंत्रता) का अधिकार मिल गया था, जिसे कंपनी के अधिकारियों ने निजी व्यापार पर भी दुरुपयोग करना शुरू कर दिया था।
2. ब्लैक होल ट्रेजेडी (काल कोठरी की घटना) के तुरंत उपरांत रॉबर्ट क्लाइव ने मद्रास से सेना लेकर बंगाल पर आक्रमण किया और 23 जून 1757 को प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दोला को पराजित कर दिया, जहाँ मीर जाफर की सैन्य टुकड़ी ने युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध सक्रिय रूप से सिराजुद्दोला का साथ दिया था।
3. बक्सर के युद्ध (1764) में मीर कासिम, अवुद के नवाब शुजाउद्दोला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेज़ों ने पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप 'इलाहाबाद की प्रथम संधि (1765)' के तहत बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी अधिकार ईस्ट इंडिया कंपनी को प्राप्त हो गए।
4. बक्सर के युद्ध के पश्चात अंग्रेजों ने बंगाल में 'द्वैध शासन प्रणाली' (Dual Government) लागू की, जिसके तहत कंपनी के पास शासन का उत्तरदायित्व (निजामत) था, जबकि बंगाल के नवाब के पास राजस्व वसूली (दीवानी) के अधिकार थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मौर्योत्तर काल और गुप्त साम्राज्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश ने शीशा (Lead), प्रोटीन, तांबा और चांदी के संकर धातुओं (Potin) से बने सिक्के बड़े पैमाने पर जारी किए, तथा उनकी आधिकारिक प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में सातवाहन राजवंश के अभिलेख प्राप्त होते हैं।
2. गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल में चीनी बौद्ध यात्री फाह्यान भारत आया था, जिसने अपने यात्रा वृत्तांत 'फो-क्यो-की' में मध्य देश (गंगा घाटी) की समृद्धि, शांति, और दंड-विधान की कठोरता का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जहाँ मृत्युदंड का प्रावधान था।
3. गुप्त काल के दौरान वाकाटक राजवंश के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने के प्रभाव से चंद्रगुप्त द्वितीय ने पश्चिमी भारत के शक क्षत्रपों को पराजित कर 'शकारि' की उपाधि धारण की और इस विजय के उपलक्ष्य में पश्चिमी भारत में चांदी के सिक्कों का प्रचलन शुरू किया।
4. गुप्तकालीन वास्तुकला और मूर्तिकला के अंतर्गत देवगढ़ का दशावतार मंदिर (उत्तर प्रदेश) भारत के शुरुआती ईंटों और प्रस्तर निर्मित मंदिरों में से एक है, जिसमें भगवान विष्णु के शेषशायि रूप और नरसिंह अवतार का सुंदर अंकन मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढाँचे और विशेषकर सैन्य एवं राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में घोड़ों को दागने (दाग) और सैनिकों का हुलिया दर्ज करने की प्रथा की शुरुआत की तथा बिस्वा के आधार पर भूमि की पैमाइश कराकर भू-राजस्व को बढ़ाकर उपज का आधा (50%) कर दिया, जिसे 'खराज' कहा जाता था।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित की और राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सोने और चाँदी के सिक्कों के स्थान पर तांबे और पीतल के सांकेतिक सिक्के (Token Currency) चलाए, जिन्हें राज्य की टकसाल से कड़ाई से नियंत्रित किया गया था ताकि कोई अवैध ढलाई न हो सके।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार सिंचाई के लिए नहरों का एक विस्तृत जाल बनवाया और किसानों पर लगने वाले कई प्रकार के कष्टदायक करों को समाप्त कर दिया, किंतु शरियत के नियमों के अनुसार केवल चार कर—खराज, जकात, जजिया और खुम्स—को ही वैध माना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली — जॉन निकलसन और हडसन
2. लखनऊ — सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
3. झाँसी और ग्वालियर — सर ह्यूरोज़
4. बनारस और इलाहाबाद — कर्नल जेम्स नील
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
खिज्र खाँ के शासनकाल में करों की वसूली के लिए कौन सी पद्धति अपनाई गई थी?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.