त्वरित लिंक्स
General Science
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तरंग की आवृत्ति (Frequency) का मात्रक क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
आवृत्ति हर्ट्ज में मापी जाती है।
Related Questions
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प्रकाशकीय प्रणालियों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी (Converging) प्रकृति बदल जाती है और वह अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. एक पूर्ण परावर्तक प्रिज्म (Total Reflecting Prism) का उपयोग बिना किसी ऊर्जा हानि के प्रकाश की किरण को 90° या 180° से मोड़ने के लिए किया जाता है, जिसके लिए प्रिज्म का क्रांतिक कोण 42° से कम होना चाहिए और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
3. गोलीय दर्पणों के लिए रेखीय आवर्धन ($m$) का मान वस्तु की दूरी ($u$) और प्रतिबिंब की दूरी ($v$) के पदों में $m = \frac{f}{f - u}$ होता है, जहाँ $f$ दर्पण की फोकस दूरी है।
4. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो अपवर्तन के कारण आपतन कोण का मान हमेशा अपवर्तन कोण से बड़ा होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित राशियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) उसके द्रव्यमान का प्रत्यक्ष माप है; अर्थात जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसके विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है।
2. न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे को निरस्त (Cancel) कर देते हैं और परिणामस्वरूप निकाय का कुल त्वरण शून्य हो जाता है।
3. जब कोई व्यक्ति किसी गतिशील लिफ्ट में ऊपर की ओर त्वरित गति से यात्रा करता है, तो लिफ्ट के फर्श द्वारा उस व्यक्ति पर आरोपित अभिलंब प्रतिक्रिया बल (Normal reaction force) उसके वास्तविक भार से अधिक प्रतीत होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में कोशिकांगों की सूक्ष्म संरचना और उनके उपापचयी कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सीसोम' ($F_0-F_1$ कण) इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) के दौरान ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के माध्यम से एटीपी (ATP) के संश्लेषण के मुख्य स्थल होते हैं, और इसकी आंतरिक झिल्ली में 'कार्डियोलिपिन' नामक विशिष्ट फॉस्फोलिपिड प्रचुरता से होता है जो इसे लगभग अपारगम्य बनाता है।
2. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम के जुड़ाव को सुनिश्चित करने के लिए 'राइबोफोरिन-I' और 'राइबोफोरिन-II' नामक दो विशिष्ट ग्लाइकोप्रोटीन इंटीग्रल झिल्ली प्रोटीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरे ऐसे कोशिका अंगक हैं जिनमें अम्लीय पीएच (लगभग 4.5 से 5.0) पर सक्रिय होने वाले हाइड्रोलिटिक एंजाइम (जैसे लाइपेज, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) पाए जाते हैं, और इस अम्लीय pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोमल झिल्ली पर $V-type$ प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।
4. गॉल्जी उपकरण के 'सिस' (Cis) या निर्माण मुख परिपक्व भाग होता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है, जबकि इसका 'प्रान्स' (Trans) मुख केंद्रक के समीप स्थित होता है तथा ग्लाइकोसिलेशन और ग्लाइकोएरीडेशन की प्रक्रिया मुख्य रूप से इसी प्रान्स नेटवर्क में पूर्ण होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों के माध्यम में संचरण, ध्वनि की चाल और डोप्लर प्रभाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान, संपीड़न (Compression) वाले स्थानों पर माध्यम का दाब और घनत्व दोनों अपने अधिकतम मान पर होते हैं, जबकि विरलन (Rarefaction) के स्थानों पर ये अपने न्यूनतम मान पर होते हैं।
2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है, क्योंकि संपीडन और विरलन के समय उत्पन्न होने वाली ऊष्मा तुरंत परिवेश में विसृत हो जाती है।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता में परिवर्तन के कारण उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक-दूसरे की ओर समान वेग से गति करते हैं, तब श्रोता द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है और वह मूल आवृत्ति के बराबर ही बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उल्लू?
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