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History of India
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वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में समानांतर सरकारों की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में, ताम्रलुक (बंगाल) में 'जातीय सरकार' तथा सतारा में वाई. बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार थी।
- 2. जब महात्मा गांधी ने 8 अगस्त 1942 को 'करो या मरो' का नारा दिया, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने इस आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया क्योंकि इस समय तक सोवियत संघ पर जर्मन आक्रमण के कारण 'पीपुल्स वॉर' की अवधारणा को अपनाया जा चुका था।
- 3. सिंगापुर में जुलाई 1943 में रास बिहारी बोस ने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग और आज़ाद हिंद फौज की कमान औपचारिक रूप से सुभाष चंद्र बोस को सौंप दी थी, जिन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में ही 'आर्गा सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind - स्वतंत्र भारत की अनंतिम सरकार) की स्थापना की घोषणा की थी।
- 4. आज़ाद हिंद फौज की 'सुभाष रेजिडेंसी' के अलावा महिलाओं की एक विशिष्ट सैन्य टुकड़ी का गठन किया गया था, जिसका नाम 'झांसी की रानी रेजिमेंट' रखा गया था और इसकी कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल (लक्ष्मी स्वामीनाथन) के हाथों में सौंपी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बलिया, ताम्रलुक और सतारा (सबसे लंबी चलने वाली 'प्रति सरकार') में समानांतर सरकारों की स्थापना हुई थी। कथन 2 गलत है क्योंकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने 'पीपुल्स वॉर' (जनयुद्ध) के सिद्धांत के तहत भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था और अंग्रेजों का साथ दिया था। कथन 3 और 4 सही हैं; रास बिहारी बोस ने कमान सुभाष चंद्र बोस को सौंपी थी जिन्होंने विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'आर्गा सरकार' बनाई और कैप्टन लक्ष्मी सहगल के नेतृत्व में 'झांसी की रानी रेजिमेंट' का गठन किया गया।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर और छपरा जैसे बिहार के अन्य क्षेत्रों में हुई क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना सिटी में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक प्रसिद्ध पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिनके नेतृत्व में स्थानीय अंगेजी अफीम की एजेंसी पर हमला किया गया और डॉक्टर लॉयल मारा गया था।
2. दानापुर छावनियों (Dinapur Cantonments) में 25 जुलाई 1857 को 7वीं, 78वीं और 40वीं रेजिमेंट के भारतीय सैनिकों ने विद्रोह कर दिया और वे तुरंत आरा की ओर कूच कर गए जहाँ उन्होंने वीर कुंवर सिंह की सेना के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा संभाला।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में विद्रोह का प्रसार करने में स्थानीय जमींदारों के साथ-साथ यूरोपीय अधिकारियों द्वारा फैलाई गई दहशत का मुख्य योगदान था, और छपरा में मोहम्मद हुसैन खान ने विद्रोही गतिविधियों का प्रमुखता से संचालन किया।
4. पटना के आयुक्त (Commissioner) विलियम टेलर ने बिहार में विद्रोह के दमन के लिए अत्यंत कठोर दमनकारी नीतियां अपनाईं, जिसके तहत उसने पटना के प्रसिद्ध वहाबी नेताओं—मौलवी अहमदुल्लाह, शाह मुहम्मद हुसैन और वाजुल हक—को गिरफ्तार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अकबर ने किस वर्ष घोषणा की थी कि वह "खलीफा का प्रतिनिधि" है?
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मराठा प्रशासन में "पोतदार" का क्या कार्य था?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का औपचारिक रूप से अंत कर दिया गया और भारत का सीधा नियंत्रण ब्रिटिश क्राउन को सौंप दिया गया, तथा 'भारत के गवर्नर-जनरल' को 'वायसराय' पदनाम दिया गया जो सीधे ब्रिटिश मंत्रिमंडल के प्रति उत्तरदायी था।
2. 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई महारानी विक्टोरिया की घोषणा में देशी रियासतों के संबंध में यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार नहीं किया जाएगा और राज्यों के 'गोद लेने के अधिकार' (Doctrine of Lapse) को मान्यता दी जाएगी।
3. घोषणा पत्र में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीयों के धार्मिक एवं सामाजिक आचरण में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, तथा सार्वजनिक सेवाओं में रंग, नस्ल या जन्म के आधार पर बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
4. सेना के पुनर्गठन के संदर्भ में गठित 'पील आयोग' (Peel Commission) की संस्तुतियों के तहत भारतीय सैनिकों का अनुपात यूरोपीय सैनिकों की तुलना में काफी बढ़ा दिया गया और तोपखाने जैसे संवेदनशील सैन्य विभागों को पूरी तरह से भारतीय सैनिकों के नियंत्रण में सौंप दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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