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History of India
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक ज्ञान था और इसे 'कृष्ण अयस' तथा 'श्यामल अयस' के रूप में विभिन्न संहिताओं में उल्लेखित किया गया है।
- 2. 'शतपथ ब्राह्मण' में विदेह माधव की कथा वर्णित है, जिससे आर्यों के सदाानीरा (गंडक) नदी के पूर्व की ओर विस्तार की जानकारी मिलती है।
- 3. ऋग्वेद के दसवें मंडल के अंतर्गत 'पुरुष सूक्त' में सर्वप्रथम शूद्र वर्ण का उल्लेख मिलता है, जो प्रारंभिक वैदिक समाज की समतावादी और वर्ण-विहीन व्यवस्था का खंडन करता है।
- 4. वैदिक काल में 'दुहितृ' शब्द का प्रयोग उस पुत्री के लिए किया जाता था जो गाय का दोहन करती थी, और इस समाज में गोधन को ही सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति माना जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वैदिक सभ्यता के इतिहास में, ऋग्वैदिक काल (पूर्व वैदिक काल) के लोगों को तांबे और कांसे का ज्ञान था, किंतु उन्हें लोहे ('कृष्ण अयस') का ज्ञान नहीं था; लोहे का ज्ञान उत्तर वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व के बाद) में अतरंजीखेड़ा जैसे स्थलों से साक्ष्य मिलने के बाद हुआ। अतः कथन 1 गलत है। 'शतपथ ब्राह्मण' उत्तर वैदिक काल का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें विदेह माधव और गौतम राहुगण की कथा के माध्यम से आर्यों के सदाानीरा (आधुनिक गंडक) नदी के पार पूर्व की ओर विस्तार का उल्लेख मिलता है, जिससे कथन 2 सही है। ऋग्वेद के दसवें मंडल (जो कि एक बाद का प्रक्षेप माना जाता है) के 'पुरुष सूक्त' में पहली बार चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) की उत्पत्ति का सिद्धांत दिया गया है, अतः कथन 3 भी सही है। इसके अतिरिक्त, ऋग्वैदिक समाज में गाय सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति थी और पुत्री को 'दुहितृ' कहा जाता था जिसका शाब्दिक अर्थ 'गाय दुहने वाली' होता था, जिससे कथन 4 भी पूरी तरह सही है। इस प्रकार सही विकल्पों का संयोजन 2, 3 और 4 है। इस ऐतिहासिक कालखंड के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नई 'एनफील्ड' राइफल में प्रयुक्त होने वाले कारतूसों के आवरण को लोड करने से पहले दांत से काटना पड़ता था, जिसके संबंध में यह अफवाह फैल गई थी कि उस आवरण में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है।
2. इस घटना की शुरुआत सर्वप्रथम जनवरी 1857 में दमदम छावनी में हुई थी, जहाँ भारतीय सिपाहियों ने इन कारतूसों के प्रयोग के विरोध में खुलकर बगावत कर दी थी।
3. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इन कारतूसों के प्रयोग का कड़ा विरोध करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों पर आक्रमण किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सालबाई की संधि करवाने में किस मराठा सरदार ने मध्यस्थ (Mediator) की मुख्य भूमिका निभाई थी?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोही ताकतों के संचालन, नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में 5 जून 1857 को विद्रोह की शुरुआत के बाद नाना साहब को पेशवा घोषित किया गया, जिन्होंने खुद को पेशवा बाजीराव द्वितीय का दत्तक पुत्र होने के नाते वैध उत्तराधिकारी माना और ब्रिटिश सेनापति सर ह्यू व्हीलर को आत्मसमर्पण करने के लिए विवश किया।
2. नाना साहब के मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार अजीमुल्ला खां थे, जिन्होंने कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्रोह के समर्थन के लिए प्रयास किए थे, जबकि तात्या टोपे ने नाना साहब के सेनापति के रूप में कानपुर की सेना का वास्तविक सैन्य नेतृत्व संभाला था।
3. कानपुर में अंग्रेजों के आत्मसमर्पण के उपरांत घटी 'सती चौरा घाट' (बीकानपुर नरसंहार) की घटना के पश्चात ब्रिटिश जनरल कॉलिन कैंपबेल ने भारी सैन्य बल के साथ कानपुर पर पुनः अधिकार किया, जिसके बाद नाना साहब नेपाल की ओर निकल गए और उनका कभी पता नहीं चल सका।
4. तात्या टोपे ने कानपुर के पतन के बाद ग्वालियर और कालपी में रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सशक्त सैन्य अभियान चलाया, तथा बाद में अंग्रेजों द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें कानपुर के ही बिठूर में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी में घटित घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में दमदम छावनी में यह अफवाह फैली कि नई एनफील्ड राइफल में प्रयुक्त होने वाले कारतूस के आवरण को चिकना करने के लिए गाय और सूअर की चर्बी का प्रयोग किया जाता है, जिसके कारण भारतीय सैनिकों में भारी आक्रोश उत्पन्न हुआ।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरोध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों (लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन) पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई।
3. मंगल पांडे की शहादत के पश्चात, बैरकपुर छावनी के संपूर्ण सैनिकों ने तुरंत एकजुट होकर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध एक अखिल भारतीय स्तर के सशस्त्र विद्रोह की औपचारिक घोषणा कर दी और उसी दिन दिल्ली की ओर कूच कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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