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General Science
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डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect)?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
स्रोत और श्रोता के सापेक्ष गति से आवृत्ति बदलना।
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु को अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण किरोसिन (मिट्टी के तेल) के नीचे डुबोकर रखा जाता है ताकि यह वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आकर आग न पकड़ ले।
2. ऐलुमिनियम धातु पर वायु की उपस्थिति में ऑक्साइड की एक स्थिर परत (Alumina) बन जाती है, जो इस धातु को संक्षारण (Corrosion) से सुरक्षित रखती है, और इस प्रक्रम को एनोडाइज़्ड (Anodized) करने की प्रक्रिया द्वारा कृत्रिम रूप से और अधिक मोटा किया जाता है।
3. श्वेत फॉस्फोरस (White Phosphorus) अत्यधिक अभिक्रियाशील और विषैला अधातु है, जो अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, और इसे जल के भीतर रखा जाता है जबकि लाल फॉस्फोरस इससे कम अभिक्रियाशील होता है और जल में अघुलनशील होने के कारण इसे जल में रखने की आवश्यकता नहीं होती।
4. उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) में केवल हीलियम ही एकमात्र ऐसी अधातु है जो कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में पाई जाती है, जबकि ब्रोमीन एकमात्र ऐसी अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों की विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) और मापन की त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यदि किसी भौतिक राशि का सूत्र $X = \frac{A^2 b^{1/2}}{C^3 D^4}$ है, और मापन में A, B, C तथा D की आपेक्षिक त्रुटियाँ क्रमशः $1\%, 2\%, 3\%$ और $1\%$ हैं, तो राशि X के मापन में अधिकतम संभव प्रतिशत त्रुटि $11\%$ होगी।
2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) और 'रेडियन' (Radian) दोनों ही पूरक भौतिक राशियाँ (Supplementary quantities) हैं, जिनके अपने स्वयं के मात्रक होते हैं किंतु ये दोनों ही विमाहीन (Dimensionless) राशियाँ हैं।
3. विमीय समांगता के सिद्धांत (Principle of Homogeneity of Dimensions) के अनुसार, किसी भी भौतिक समीकरण में दोनों पक्षों के प्रत्येक पद के विमीय सूत्र समान होने चाहिए, और इस सिद्धांत का उपयोग करके किसी भी प्रकार के समीकरण की पूर्ण सत्यता (Absolute correctness) की सौ प्रतिशत गारंटी दी जा सकती है, भले ही समीकरण में कोई विमा-रहित नियतांक क्यों न हो।
4. पार्सेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो किसी चाप द्वारा 1 आर्कसेकंड का कोण बनाने पर आधारित होती है, और यह लगभग $3.08 \times 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन (Chemical Bonding) तथा अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis Acid) वे रासायनिक स्पीशीज होते हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखते हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार (Lewis Base) इलेक्ट्रॉन-युग्म दाता होते हैं।
2. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार का उदासीनीकरण किया जाता है, तो बनने वाले लवण का जलीय विलयन जल-अपघटन (Hydrolysis) के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है और उसका pH मान 7 से अधिक होता है।
3. आयनिक बंध (Ionic Bond) का निर्माण मुख्य रूप से तब होता है जब एक परमाणु से दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का पूर्ण स्थानांतरण होता है, और यह दिशात्मक (Directional) प्रकृति का होता है जिसके कारण आयनिक यौगिक निश्चित ज्यामितीय आकृतियाँ बनाते हैं।
4. 'बफर विलयन' (Buffer Solution) वे विलयन होते हैं जो अपने अंदर थोड़ा सा अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, जैसे कि एसिटिक अम्ल ($CH_3COOH$) और सोडियम एसिटेट ($CH_3COONa$) का मिश्रण एक अम्लीय बफर का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की आनुवंशिक एवं जैव रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर उपस्थित ग्लाइकोप्रोटीन या एंटीजन (A और B) की उपस्थिति पर आधारित होती है, जिनका संश्लेषण 'I' जीन द्वारा नियंत्रित होता है, जिसके तीन एलील ($I^A$, $I^B$, और $i$) होते हैं और यह सह-प्रभाविता (Codominance) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
2. 'आरएच कारक' (Rh factor) एक अन्य एंटीजन है जिसकी खोज रhesus बंदर में की गई थी; यदि किसी व्यक्ति के रक्त में Rh एंटीजन अनुपस्थित है, तो वह Rh-धनात्मक कहलाता है और गर्भाक्ता रक्ताकोरकता (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब पिता Rh-धनात्मक और माता Rh-ऋणात्मक होती है।
3. सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) वह रक्त समूह AB होता है जिसकी प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (Agglutinins) अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी समूह के रक्त को प्राप्त कर सकता है बिना किसी गंभीर प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया के।
4. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की कैस्केड प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में प्रोथ्रॉम्बिन, सक्रिय थ्रॉम्बिन में बदल जाता है, जो आगे फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित कर देता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंसों के अपवर्तन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है。
2. लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) इस बात पर निर्भर करता है कि लेंस के दोनों तरफ का माध्यम समान है या भिन्न, और यह लेंस की वक्रता त्रिज्या तथा अपवर्तनांक को आपस में जोड़ता है。
3. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना आवश्यक है, तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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