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प्रकाश तरंग का माध्यम?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रकाश निर्वात में चल सकता है।
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें उनके अपने स्वयं के द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता होती है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की तरफ स्थित होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, और यह ग्लाइकोसिलेशन तथा ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है।
3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइमों से समृद्ध होता है, और यह पादप कोशिकाओं में ग्लायॉक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसा अम्लों के कार्बोहाइड्रेट में रूपांतरण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है।
4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए उत्तरदायी होते हैं और इनमें अम्लीय फॉस्फेटेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं, जिनकी सक्रियता का अनुकूलतम pH लगभग 7.4 (क्षारीय) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोनल नियंत्रण प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोस्टाटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पिट्सुरी ग्रंथि से ग्रोथ हार्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को रोकता है, जबकि यह अग्नाशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की डेल्टा कोशिकाओं से इंसुलिन और ग्लूकागोन के स्रावण को भी नियंत्रित करता है।
2. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal Cortex) भाग रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन तंत्र के अंतर्गत 'एल्डोस्टेरोन' हार्मोन का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनःअवशोषण को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
3. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हार्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि के अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्क द्वारा कैल्सियम के पुन:अवशोषण को कम करता है।
4. पश्च पिट्सुरी (Neurohypophysis) ग्रंथि स्वयं किसी हार्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हार्मोन का भंडारण और मोचन करती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में कोशिका विभाजन और कोशिकांगों की सूक्ष्म संरचनात्मक गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'एनाफेज' (Anaphase) अवस्था के दौरान, सेंट्रिओल विभाजित होते हैं और गुणसूत्रों के काइनेटोकोर से जुड़े तर्कु तंतु (Spindle fibers) छोटे होने लगते हैं, जिसके कारण सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
2. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की 'पैचाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समजात गुणसूत्रों के बीच अनुवांशिक पदार्थों का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रिकॉम्बिनेज' (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
3. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर 'ऑक्सीसोम' (F_0-F_1 कण) पाए जाते हैं, जो इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) के दौरान ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के माध्यम से एटीपी (ATP) के संश्लेषण के मुख्य स्थल होते हैं।
4. गॉल्जी उपकरण का 'सिस' (Cis) या निर्माण मुख परिपक्व भाग होता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है, जबकि इसका 'प्रान्स' (Trans) मुख केंद्रक की ओर स्थित होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण पर लगने वाला लॉरेंज बल कण के वेग और चुंबकीय क्षेत्र दोनों के लंबवत होता है, जिसके कारण यह बल कण की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन करता है और इसके मार्ग को वृत्ताकार बना देता है।
2. 'फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम' के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण उस कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
3. 'भँवर धाराएँ' (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनके कारण ऊर्जा का क्षय ऊष्मा के रूप में होता है, लेकिन इनका उपयोग प्रेरण भट्ठियों (Induction furnaces) और चुंबकीय ब्रेकिंग प्रणालियों में भी किया जाता है।
4. अन्योन्य प्रेरण (Mutual induction) गुणांक का मान दोनों कुंडलियों के ज्यामितीय आकार, उनके बीच की दूरी और उनके क्रोड (Core) के चुंबकीय गुणों पर निर्भर करता है, और इसका एसआई मात्रक हेनरी (Henry) होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और सर्किट (Electricity) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी धात्विक चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों का अपवाह वेग (Drift velocity) बहुत कम (लगभग $10^{-4}$ m/s) होने के बावजूद, विद्युत परिपथ में स्विच ऑन करते ही प्रकाश के वेग से विद्युत क्षेत्र का संचरण होता है, जिससे पूरे सर्किट में धारा तुरंत प्रवाहित होने लगती है।
2. किर्चहॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law), जिसे संधि नियम भी कहते हैं, ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जबकि किर्चहॉफ का द्वितीय नियम (Kirchhoff's Voltage Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है।
3. जब किसी प्रतिरोधक को श्रेणीक्रम (Series) से समान्तर क्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध बढ़ जाता है और कुल धारा का मान न्यूनतम हो जाता है।
4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में कुछ पदार्थों की विद्युत प्रतिरोधकता शून्य हो जाती है और वे बाहरी चुंबकीय क्षेत्र को अपने भीतर से पूर्णतः बाहर धकेल देते हैं, जिसे 'मीस्नर प्रभाव' (Meissner effect) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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