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त्वरित लिंक्स

General Science
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अल्ट्रावायलेट?

Detailed Explanation

EM तरंग।
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→ प्रकाश विद्युत प्रभाव? → मानव शरीर के परिसंचरण और श्वसन तंत्र के नियंत्रण एवं नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेडुला ऑब्लोंगाटा (Medulla oblongata) में स्थित श्वसन केंद्र मुख्य रूप से रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) और हाइड्रोजन आयनों ($H^+$) की सांद्रता में होने वाले परिवर्तनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, जबकि ऑक्सीजन ($O_2$) की सांद्रता का श्वसन लय के नियंत्रण पर प्रत्यक्ष प्रभाव बहुत कम होता है। 2. महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी (Carotid artery) में स्थित परिधीय केमोरिसेप्टर (Peripheral chemoreceptors) रक्त में $O_2$ के आंशिक दाब में उल्लेखनीय गिरावट का पता लगाते हैं, और आपातकालीन स्थिति में श्वसन दर को बढ़ाने के लिए संकेत भेजते हैं। 3. हृदय की अपनी पेशीय स्वतः उत्तेजन क्षमता (Myogenic nature) होती है, जिसके कारण हृदय की धड़कन की गति का प्राथमिक पेसमेकर 'सिनोएट्रियल नोड' (SAN) तंत्रिका तंत्र की प्रत्यक्ष प्रेरणा के बिना स्वतः क्रिया विभव उत्पन्न करता है, हालांकि स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) और अधिवृक्क हार्मोन्स इसकी दर को संशोधित (Modulate) कर सकते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, यदि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन और जीन प्रवाह जैसे कारक प्रभाव न डालें। 2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) का प्रभाव बड़ी आबादी की तुलना में छोटी आबादी पर अधिक तीव्र और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 3. 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) दोनों ही अनुवांशिक अपवाह के विशिष्ट उदाहरण हैं जो जनसंख्या की आनुवंशिक विविधता को कम करते हैं। 4. लैमार्क के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीजमैन (Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of continuity of germplasm) द्वारा पूरी तरह से सही ठहराया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्रकाश संश्लेषण में कौन सा उत्पाद निकलता है? → मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण, विटामिन और उनके सह-एंजाइम (Coenzyme) रूपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B1 (थiamin) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-CoA में ऑक्सीडेटिव विकार्बोक्सिलीकरण (Oxidative decarboxylation) के लिए आवश्यक होता है। 2. विटामिन B3 (नियासिन) का संश्लेषण मानव शरीर में आवश्यक अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' से हो सकता है, और इसके सक्रिय सह-एंजाइम रूप NAD+ तथा NADP+ कोशिकीय श्वसन में अपचयन-उपचयन (Redox) अभिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 3. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) शरीर में कोलेजन प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन (Hydroxylation) के लिए आवश्यक प्रोलील और लिसिल हाइड्रॉक्सीलेज एंजाइम्स के लिए एक रिड्यूसिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है, जिसकी कमी से स्कर्वी रोग होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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