BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
22 views

समतल तरंग?

Detailed Explanation

वेवफ्रंट समतल होते हैं।
Share:

Related Questions

मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ट्राइकोफाइटन (Trichophyton): यह एक कवक (Fungus) है जो मानव में 'दाद' (Ringworm) रोग का कारण बनता है, और इसके उपचार के लिए आमतौर पर एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया जाता है। 2. वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी (Wuchereria bancrofti): यह एक गोलकृमि (Nematode parasite) है जो फाइलेरिया या श्लीपद (Elephantiasis) का कारण बनता है, जिसका संचरण मुख्य रूप से मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से होता है। 3. प्लाज्मोडियम फाल्ciparum (Plasmodium falciparum): यह मलेरिया का सबसे गंभीर रूप पैदा करने वाला प्रोटोजोआ है, जिसके जीवन चक्र में मानव प्राथमिक परपोषी (Primary host) और मादा क्यूलैक्स मच्छर माध्यमिक परपोषी होता है। 4. लेइशमानिया डोनोवानी (Leishmania donovani): यह काला-जार (Kala-azar) का कारक जीव है, जो शरीर में मैक्रोफेज कोशिकाओं को संक्रमित करता है और इसका संचरण सिकफ्लाई (Sandfly / बालू मक्खी) द्वारा होता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? मानव शरीर में होने वाले विभिन्न जनन-मूत्र मार्ग (Urogenital) या संक्रामक रोगों और उनके कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सिफिलिस' (Syphilis) एक जीवाणु जनित यौन संचारित संक्रमण (STI) है जो 'ट्रिपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक सर्पिलाकार जीवाणु (Spirochete) के कारण होता है, और इसके प्राथमिक चरण में जननांगों पर दर्द रहित अल्सर या 'चांक्र' (Chancre) बनता है। 2. 'गोनोरिया' (Gonorrhea) एक विषाणु जनित संक्रमण है जो 'नाइसेरिया गोनोरिया' (Neisseria gonorrhoeae) नामक वायरस के कारण होता है, जो मूत्र मार्ग में तीव्र जलन और स्राव उत्पन्न करता है। 3. 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (HPV) एक डीएनए विषाणु है जिसके कुछ उच्च-जोखिम वाले प्रभेद (जैसे HPV-16 और HPV-18) महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (Cervical cancer) के मुख्य कारणों में से एक माने जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मोल अवधारणा? प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों और लेंसों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी अवतल दर्पण (Concave mirror) के सामने जब वस्तु को उसके वक्रता केंद्र (Centre of curvature) और फोकस (Focus) के बीच रखा जाता है, तो बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से आकार में बड़ा होता है। 2. उत्तल लेंस (Convex lens) की क्षमता धनात्मक होती है, और जब इस लेंस को किसी ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है। 3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens maker's formula) के अनुसार, किसी पतले लेंस की फोकस दूरी लेंस के दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, तथा यह प्रकाश के रंग (तरंगदैर्ध्य) से पूर्णतः स्वतंत्र होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर में रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त कणिकाओं की क्रियाशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल रुधिर कणिकाओं (RBCs) की आयु लगभग 120 दिन होती है, और इनके विघटन के पश्चात हीमोग्लोबिन का हीम (Heme) भाग मुख्य रूप से बिलीरुबिन और बिलीवार्डिन पित्त वर्णकों में परिवर्तित होकर यकृत द्वारा उत्सर्जित किया जाता है। 2. 'एरिथ्रोपोएटिन' (Erythropoietin) नामक ग्लाइकोपोटिन हॉर्मोन का मुख्य रूप से स्राव वृक्कों (Kidneys) की अंतरालीय कोशिकाओं द्वारा होता है, जो अस्थिमज्जा में एरिथ्रोपोइएसिस (लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण) को प्रेरित करता है। 3. रक्त प्लेटलेट्स (थ्रॉम्बोसाइट्स), जिनका निर्माण अस्थिमज्जा की मेगाकैरीओसाइट्स कोशिकाओं के विखंडन से होता है, रक्त स्कंदन के दौरान 'सेरोटोनिन' और अन्य वासोकांस्ट्रिक्टर पदार्थों का स्राव करती हैं जो रुधिर वाहिकाओं को संकुचित कर रक्तस्राव को रोकते हैं। 4. हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन-बाइंडिंग क्षमता 'बोहर प्रभाव' (Bohr effect) से प्रभावित होती है, जिसके अनुसार उच्च pH (क्षारीय माध्यम) और उच्च कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता वाले ऊतकों में हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति आत्मीयता बढ़ जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसानी से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.