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History of India
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मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जहाँगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने स्वर्ण काल पर पहुँची, जिसमें प्राकृतिक दृश्यों, पक्षियों और पोर्ट्रेट चित्रकारी को विशेष प्रोत्साहन मिला, तथा जहाँगीर का दावा था कि वह किसी भी चित्र को देखकर यह बता सकता है कि उसे किस चित्रकार ने बनाया है।
- 2. शाहजहाँ के शासनकाल के दौरान वास्तुकला ने अपनी पराकाष्ठा को छुआ, किंतु उसके अंतिम वर्षों में उसके पुत्रों के बीच हुए उत्तराधिकार के युद्ध में दाराशिकोह ने सामूगढ़ के निर्णायक युद्ध में औरंगजेब को पराजित कर मुगल सिंहासन पर अधिकार कर लिया था।
- 3. औरंगजेब ने अपने शासनकाल के दौरान संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया, झरोखा दर्शन और तुलादान जैसी मुगल परंपराओं को समाप्त कर दिया, तथा सिक्कों पर कलमा खुदवाने की प्रथा को भी बंद करवा दिया था।
- 4. अकबर द्वारा शुरू की गई 'दीन-ए-इलाही' वस्तुतः कोई नया धर्म नहीं था, बल्कि यह सूफीवादी विचारों पर आधारित एक आचार संहिता थी जिसका प्रधान पुरोहित अबुल फजल था और बीरबल एकमात्र हिंदू दरबारी था जिसने इसे स्वीकार किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि जहाँगीर का काल मुगल चित्रकला का स्वर्ण युग माना जाता है। जहाँगीर स्वयं कला का पारखी था और उसका दावा था कि वह चित्र देखकर चित्रकार का नाम बता सकता है। कथन 2 गलत है क्योंकि सामूगढ़ के युद्ध (1658) में औरंगजेब ने दाराशिकोह को पराजित किया था, न कि दाराशिकोह ने औरंगजेब को। कथन 3 सही है क्योंकि औरंगजेब ने रूढ़िवादी सुन्नी नीतियों के तहत संगीत पर प्रतिबंध लगाया, झरोखा दर्शन और तुलादान बंद किए तथा सिक्कों पर कलमा खुदवाना रुकवा दिया। कथन 4 सही है; अकबर द्वारा प्रतिपादित 'दीन-ए-इलाही' कोई नया धर्म नहीं बल्कि सूफी सिद्धांतों पर आधारित एक आध्यात्मिक भाईचारे की नीति थी, जिसके प्रधान पुरोहित अबुल फजल थे और बीरबल इसके एकमात्र हिंदू अनुयायी थे। विकिपीडिया संदर्भ
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सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और राजकोषीय नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में प्रधानमंत्री का पद 'पेशवा' कहलाता था, जो राजा के बाद सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी था, और इस परिषद का प्रत्येक सदस्य सीधे अपने विभाग का स्वतंत्र प्रमुख होता था तथा उसे सैन्य नेतृत्व करने का भी अनिवार्य अधिकार प्राप्त था।
2. मराठा प्रशासन में भू-राजस्व निर्धारण के लिए मलिक अंबर की राजस्व व्यवस्था को आधार बनाया गया था, जिसके तहत कुल उपज का लगभग 40 प्रतिशत भाग राज्य को कर के रूप में दिया जाता था, जिसे बाद में शिवाजी ने बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया और 'मिरासदारों' के अधिकारों को समाप्त कर दिया।
3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख बाह्य कर थे; चौथ पड़ोसी क्षेत्रों से सुरक्षा के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत कर था, जबकि सरदेशमुखी एक प्रकार का अधिभार (Overcharge) था जो संपूर्ण देश पर उनके वंशानुगत सरदेशमुख होने के दावे के रूप में 10 प्रतिशत वसूला जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (विशेषकर पटना, दानापुर, आरा और मुजफ्फरपुर) में हुए घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक प्रसिद्ध पुस्तक विक्रेता पीर अली खाँ ने किया था, जिनके नेतृत्व में हुए इस जन-विद्रोह के दौरान अफीम के एक ब्रिटिश अधिकारी डॉ. लॉयल की हत्या कर दी गई थी।
2. दानापुर छावनी (Danapur Cantonment) के 7वीं, 8वीं और 40वीं देशी पैदल सेना के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और वे सोन नदी पार करके शाहाबाद जिले में प्रवेश कर गए थे, जहाँ उन्होंने बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व को स्वीकार किया था।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा क्षेत्र में विद्रोह के दौरान यूरोपीय अधिकारियों को भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था, तथा छपरा (सारण) में मोहम्मद हुसैन खान के नेतृत्व में स्थानीय विद्रोही सैनिकों और जमींदारों ने ब्रिटिश सत्ता को खुली चुनौती दी थी।
4. आरा (शाहाबाद) में बाबू कुंवर सिंह द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ी गई अंतिम सफल सैन्य झड़प उनके गृह नगर जगदीशपुर में अप्रैल 1858 में लड़ी गई थी, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश सेना के कैप्टन ली ग्रांड को पूरी तरह पराजित किया था और इसके तुरंत बाद उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पानीपत के युद्ध में मराठों की हार का मुख्य कारण क्या था?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन और उनके नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिनका दमन करने के लिए ब्रिटिश सेनापति जनरल रेनार्ड को भेजा गया था, जबकि बरेली में खान बहादुर खान ने सरकार का गठन किया जिसे अंततः मार्च 1858 में सर कॉलिन कैंपबेल द्वारा कुचल दिया गया।
2. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया था, जहाँ कर्नल नील (Colonel James Neill) ने अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों के साथ इस विद्रोह को पूरी तरह से कुचल दिया था।
3. फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अंग्रेजों द्वारा 'फैजाबाद का डंका शाह' भी कहा गया, जिन्हें पुवायाँ के राजा की गद्दारी के कारण मार डाला गया था, और उनके दमन के उपरांत अवध क्षेत्र में ब्रिटिश शासन पुनः स्थापित हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान आयोजित 'कन्नौज सभा' का मुख्य उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का प्रचार करना और चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में एक भव्य उत्सव आयोजित करना था, जिसमें बीस विभिन्न देशों के राजाओं और विभिन्न संप्रदायों के विद्वानों ने भाग लिया था।
2. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम द्वारा रचित संस्कृत प्रहसन 'मत्तविलास प्रहसन' में बौद्ध और जैन भिक्षुओं के आचरण तथा उस समय की सामाजिक एवं धार्मिक रूढ़ियों पर हास्यपूर्ण व्यंग्य किया गया है, और महेंद्रवमन् अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म के अनुयायी थे, जिन्हें बाद में शैव संत अप्पर के प्रभाव से शैव धर्म अपना लिया।
3. बादामी के चालुक्य राजवंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन की उत्तर भारत विजय के रथ को रोककर उसे पराजित किया था, जिसका विस्तृत विवरण कवि रविचन्द्री द्वारा रचित 'ऐहोल शिलालेख' में मिलता है, न कि बाणभट्ट के 'हर्षचरित' में।
4. तंजावुर के प्रसिद्ध 'बृहदेश्वर या राजराजेश्वर मंदिर' का निर्माण चोल सम्राट राजराज प्रथम द्वारा करवाया गया था, जो द्रविड़ वास्तुकला की उत्कृष्ट मिसाल है और इसमें ग्रेनाइट पत्थरों का प्रयोग किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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