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History of India
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन एवं तत्पश्चात प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में हुए नवाचारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए अगस्त 1906 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) का गठन किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य साहित्यिक और वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा प्रदान करना था।
  2. 2. इस आंदोलन के रचनात्मक कार्यक्रमों के तहत आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय ने स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' (Bengal Chemical and Pharmaceutical Works) की स्थापना की थी।
  3. 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान सांस्कृतिक क्षेत्र में हुए पुनर्जागरण के अंतर्गत अवनिंद्रनाथ टैगोर ने 'इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट' की स्थापना की, तथा उनकी प्रसिद्ध पेंटिंग 'भारत माता' ने राष्ट्रवादियों के बीच अपार लोकप्रियता हासिल की।
  4. 4. स्वदेशी आंदोलन का प्रभाव केवल बंगाल तक ही सीमित रहा, और बंबई, मद्रास या पंजाब जैसे अन्य प्रांतों के नेताओं ने ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार के प्रस्ताव को पूर्णतः अस्वीकार कर दिया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक नया मोड़ दिया। इस आंदोलन के दौरान केवल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन ही नहीं किए गए, बल्कि रचनात्मक क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व कार्य हुए। अगस्त 1906 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' की स्थापना की गई ताकि औपनिवेशिक शिक्षा प्रणाली का विकल्प तैयार किया जा सके। इसके साथ ही, आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय ने स्वदेशी उद्योगों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए 'बंगाल केमिकल' की स्थापना की। कला और संस्कृति के क्षेत्र में अवनिंद्रनाथ टैगोर ने स्वदेशी कला शैलियों को पुनर्जीवित करने के लिए 'इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट' की स्थापना की और उनकी 'भारत माता' पेंटिंग ने राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। हालाँकि, कथन 4 असत्य है क्योंकि स्वदेशी और बहिष्कार का यह आंदोलन बंगाल की सीमाओं को लांघकर लोकमान्य तिलक के नेतृत्व में बंबई, लाला लाजपत राय के नेतृत्व में पंजाब और चिदंबरम पिल्لای के नेतृत्व में मद्रास प्रेसीडेंसी तक फैल गया था। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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