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General Science
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तरंग का वेग घनत्व पर?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
घटता है।
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मानव शरीर के पाचन, श्वसन और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय में जठर रस (Gastric juice) के भीतर मौजूद 'पेप्सिनोजन' एक निष्क्रिय एंजाइम है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है और यह प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलसघटित करता है।
2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब बाहरी अंतःश्वसन पेशियां (बाहरी इंटरकोस्टल मांसपेशियाँ और डायाफ्राम) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है जिसके परिणामस्वरूप फेफड़ों के भीतर का अंतःफुफ्फुसीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो जाता है।
3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के न्यूरॉन्स में 'मिएलिन आच्छद' (Myelin sheath) का निर्माण परिधीय तंत्रिका तंत्र में श्वान कोशिकाओं द्वारा तथा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में ऑलिगोडेंड्रोसाइट्स द्वारा होता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को साल्टेटरी संवहन के माध्यम से तीव्र करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोन्स की आणविक संरचना तथा उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है, जो अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करके फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) और ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) के स्रावण को नियंत्रित करता है।
2. थायराइड ग्रंथि की फोलिकुला कोशिकाओं द्वारा स्रावित थायरोक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोन एमिनो अम्ल 'टाइरोसीन' के व्युत्पन्न हैं, जो शरीर में आधारीय उपापचय दर (BMR), ऊतकों में ऑक्सीजन की खपत और कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा प्रोटीन के चयापचय को विनियमित करते हैं।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का मेडुला भाग 'कैटेकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिलीनफ्राइन) का स्रावण करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं, और ये दोनों हॉर्मोन स्टेरॉयड प्रकृति के होते हैं।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक (स्राडियन) लय, जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका यकृत में कई वर्षों तक भंडारण हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते हैं।
2. ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है।
3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार से लेना अनिवार्य नहीं होता।
4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो बीटा-डी-ग्लूकोज इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर काटते हुए उपग्रह की कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर पूर्व से पश्चिम की ओर अपनी कक्षा में चक्कर लगाता है।
3. यदि पृथ्वी अपने वर्तमान अक्षीय घूर्णन की कोणीय चाल को बढ़ा दे, तो भूमध्य रेखा पर रखी वस्तुओं के भार में आभासी कमी आएगी, किंतु उपग्रहों की कक्षीय चाल पर इसका कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि यह केवल केंद्रीय पिंड के द्रव्यमान और उपग्रह की त्रिज्या पर निर्भर करती है।
4. किसी उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव होता है क्योंकि उपग्रह और उसमें स्थित यात्री दोनों ही पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता ($
ho$) केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, उसके आयामों पर नहीं।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी भी संधि पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (लूप नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद विद्युत परिपथ के चारों ओर विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग लागू किए गए कुल विद्युत वाहक बल (EMF) के बराबर होता है।
4. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के सबसे बड़े व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी अधिक होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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