BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
15 views

केप्लर का दूसरा नियम किस संरक्षण सिद्धांत पर आधारित है?

Detailed Explanation

कोणीय संवेग संरक्षण के कारण ही ग्रह तेजी से घूमते हैं।
Share:

Related Questions

ओकजोकुल ग्लेशियर, जिसे जलवायु परिवर्तन के कारण 'मृत' घोषित किया गया पहला ग्लेशियर माना जाता है, कहाँ स्थित है? बिहार के भौगोलिक घटनाएँ, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक जल स्रोतों (तालाबों, पोखरों, आहरों और पाइन) का जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और बड़े पैमाने पर पौधरोपण को शामिल किया गया है, ताकि भूजल स्तर में सुधार और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से मुकाबला किया जा सके। 2. बिहार के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी जिलों (जैसे औरंगाबाद, गया, रोहतास और कैमूर) में ग्रीष्मकाल के दौरान अत्यधिक तापमान वृद्धि और लू (Heatwave) की गंभीर समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा 'बिहार वायु गुणवत्ता और जलवायु कार्य योजना' के तहत 'क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर' (जलवायु अनुकूल कृषि) कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। 3. राज्य में गंगा नदी के किनारे जैव विविधता को संरक्षित करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत बेगूसराय और पटना जिलों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए गए हैं, तथा डॉल्फिन अभयारण्य (विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य, भागलपुर) के संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। 4. बिहार का वन आवरण राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 15 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जिसे बढ़ाने के लिए 'हरित बिहार अभियान' और 'मुख्यमंत्री निजी पौधा पौधशाला योजना' के माध्यम से किसानों को प्रति पौधा भारी अनुदान पर पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? निम्नलिखित में से किन ग्रंथों को UNESCO के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया गया है? भौतिकी की विविध परिघटनाओं और उनके सैद्धांतिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रमन प्रभाव (Raman Effect) के अनुसार, जब एकवर्णनीय प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश में आपतित प्रकाश की मूल आवृत्ति के अतिरिक्त भिन्न आवृत्तियों की वर्ण-रेखाएँ भी दिखाई देती हैं, जिनमें मूल आवृत्ति से कम आवृत्ति वाली 'स्टोक्स रेखाएँ' (Stokes lines) और अधिक आवृत्ति वाली 'एंटी-स्टोक्स रेखाएँ' (Anti-Stokes lines) शामिल होती हैं। 2. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करे तथा आपतन कोण का मान उस माध्यम युग्म के 'क्रांति कोण' (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए, जिसका उपयोग ऑप्टिकल फाइबर, हीरे की चमक और मरीचिका जैसी परिघटनाओं में होता है। 3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) ध्वनि और प्रकाश दोनों तरंगों पर लागू होता है; इसके अनुसार जब कोई श्रोता किसी स्थिर स्रोत की ओर गति करता है, तो उसे प्रेषित आवृत्ति से अधिक आवृत्ति सुनाई देती है, तथा प्रकाश के संदर्भ में यह तारों और आकाशगंगाओं के स्पेक्ट्रम में होने वाले 'रेड शिफ्ट' (Red shift) और 'ब्लू शिफ्ट' (Blue shift) की व्याख्या करता है। 4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में कुछ पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वे अपने भीतर से बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र को पूरी तरह बाहर धकेल देते हैं, जिसे 'मीस्नर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है, तथा इस अवस्था में अतिचालक पदार्थ एक आदर्श प्रतिचुम्बकीय (Diamagnetic) की तरह व्यवहार करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों, साहित्यिक कृतियों और विभिन्न राजवंशों के प्रशासनिक तथा धार्मिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्यकाल में कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' में राज्य के 'सप्तांग सिद्धांत' (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, सेना और मित्र) का विस्तृत प्रतिपादन किया गया है, तथा इसमें मंत्रिपरिषद के सदस्यों की नियुक्ति के पूर्व 'उपधा परीक्षण' (चरित्र परीक्षण) का विधान था। 2. गुप्तकाल में शूद्रक द्वारा रचित संस्कृत नाटक 'मच्छकटिकम्' (मिट्टी की गाड़ी) में राजाओं और महलों के जीवन के स्थान पर एक निर्धन ब्राह्मण चारुदत्त और एक गणिका वसंतसेना के प्रेम प्रसंग के माध्यम से तत्कालीन नगरीय समाज, न्याय प्रणाली और भ्रष्टाचार का सजीव एवं यथार्थवादी चित्रण मिलता है। 3. संगम साहित्य (जो प्राचीन दक्षिण भारत के इतिहास का प्रमुख स्रोत है) के अंतर्गत कुल तीन संगमों का आयोजन पाण्ड्य राजाओं के संरक्षण में मदुरै और कपाटपुरम में हुआ था, तथा 'तोलकाप्पियम' तमिल व्याकरण का एक प्राचीन ग्रंथ है जिसकी रचना तोलकाप्पियर द्वारा की गई थी। 4. हर्षवर्द्धन के शासनकाल में नालंदा विश्वविद्यालय अपनी चरम सीमा पर था, और चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) ने यहाँ रहकर बौद्ध दर्शन का अध्ययन किया था, तथा उसने अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यु-की' (Si-Yu-Ki) में हर्ष के समय की सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक स्थिति का विशद वर्णन किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.