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RNA में थाइमिन (Thymine) के स्थान पर कौन सा बेस होता है?

Detailed Explanation

RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपद काल और मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगार निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ प्राचीन भारत के 'षोडश महाजनपदों' की व्यवस्थित सूची प्रदान करते हैं, जिनमें मगध के अतिरिक्त वज्जि संघ को एक गणतंत्रात्मक व्यवस्था के रूप में उल्लेखित किया गया है। 2. मौर्यकाल में 'अध्यक्ष' नामक अधिकारी विभिन्न विभागों के प्रमुख होते थे, जैसे कि 'सुवर्णध्यक्ष' स्वर्ण और टकसाल का अधिकारी था, तथा 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य और व्यापार पर नियंत्रण रखता था। 3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार मौर्य प्रशासन में कृषि और भूमि माप के लिए 'नोमोनोई' (Nomonomoi) नामक अधिकारियों का उल्लेख मिलता है, जो सिंचाई व्यवस्था और भू-राजस्व संग्रह का कार्य करते थे। 4. संगम काल के प्राचीन तमिल साहित्य (जैसे एट्टुतोगै और पाट्टुपाट्टू) में उरैयूर और मुसिरी जैसे बंदरगाहों का उल्लेख मिलता है, जो रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले अत्यधिक लाभदायक मलमल, मसाले और मोती के व्यापार के प्रमुख केंद्र थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? Gammaxene, DDT और ब्लीचिंग पाउडर किसके यौगिक हैं? बिहार के प्रमुख खनिज संसाधनों, उनके भौगोलिक वितरण और ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार के विभाजन के पश्चात राज्य में खनिज संपदा का बड़ा हिस्सा झारखंड में चला गया है, तथापि वर्तमान में राज्य के रोहतास और कैमूर जिलों में विंध्यन क्रम की चट्टानों से बड़े पैमाने पर पाइराइट (Pyrite) और चूना पत्थर (Limestone) का खनन किया जाता है। 2. जमुई जिले में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) होने का अनुमान लगाया गया है, जहाँ भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के अनुसार देश के कुल स्वर्ण रिजर्व का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा निहित है। 3. बिहार में ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के विकास के तहत कहलगांव (भागलपुर), बरौनी (बेगूसराय) और बाढ़ (पटना) में थर्मल पावर प्लांट कार्यरत हैं, जिन्हें मुख्य रूप से झारखंड और ओडिशा की कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति की जाती है। 4. औरंगाबाद जिले के नवीनगर में स्थित 'एनबीपीजीसीएल' (NBPGCL) सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट एक संयुक्त उपक्रम है, और बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कटक और दरभंगा में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पृथ्वी की आंतरिक संरचना, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और भूकंपीय तरंगों के संचलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंप के उद्गम बिंदु को 'फोकस' (Focus) या हाइपोसेंटर कहा जाता है, जो पृथ्वी के भीतर स्थित होता है, जबकि इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को 'अधिकरण' (Epicentre) कहा जाता है जहाँ सबसे पहले भूकंपीय तरंगें पहुँचती हैं। 2. प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में गमन कर सकती हैं। 3. हवाई द्वीप पर पाया जाने वाला 'कििलाउएआ' (Kilauea) ज्वालामुखी ढाल (Shield) ज्वालामुखी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अत्यधिक तरल और कम चिपचिपे बेसिक लावा (Basaltic lava) के शांत उद्गार से निर्मित होता है। 4. विस्फोटे उद्गारों के आधार पर 'पेलियन तुल्य' (Peléean type) ज्वालामुखी उद्गार सबसे अधिक विनाशकारी और भयंकर माने जाते हैं, जिनमें अत्यधिक गाढ़ा लावा, ज्वलनशील गैसों के बादल और पाइरोक्लास्टिक पदार्थ तीव्र गति से बाहर निकलते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 1857 के महान विद्रोह से पूर्व ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों, भू-राजस्व व्यवस्थाओं और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के विरुद्ध भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हुए 'अन्य जन आंदोलनों और जनजातीय विद्रोहों' (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल में संन्यासी विद्रोह (लगभग 1763-1800) का मुख्य कारण ब्रिटिश शासन द्वारा धार्मिक यात्राओं और तीर्थयाकरों पर कर लगाना तथा पारंपरिक आजीविका के साधनों पर प्रतिबंध लगाना था, और इस विद्रोह को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में अमर बना दिया है। 2. छोटा नागपुर क्षेत्र में कोल विद्रोह (1831-32) का नेतृत्व बुद्ध भगत ने किया था, जो बाहरी लोगों (दिकुओं) द्वारा आदिम जनजातियों की भूमि पर अधिकार करने, भारी लगान वसूलने और न्यायिक व्यवस्था में बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध एक सशस्त्र प्रतिकार था। 3. सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में वर्ष 1855-56 में हुआ 'संथाल हूल' (विद्रोह) राजमहल पहाड़ियों के दमन-इलाका में महाजनों, पुलिस कर्मियों और रेलवे ठेकेदारों के शोषण के विरुद्ध हुआ था, जिसके पश्चात ब्रिटिश सरकार ने 'संथाल परगना टेनेंसी एक्ट' (SPTA) पारित करके जनजातीय भूमि के संरक्षण की व्यवस्था की। 4. पाईक विद्रोह (1817), जो ओडिशा के खोरधा क्षेत्र में बक्शी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ था, का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश भू-राजस्व नीति और नमक कर के विरोध में था, और इसे आधुनिक इतिहासकारों द्वारा भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) से भी अधिक संगठित और पूर्ववर्ती सफल राष्ट्रीय विद्रोह के रूप में देखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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