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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बालक अपनी पूर्व-स्थापित स्कीमा (Schema) में नई सूचनाओं को इस प्रकार समाहित करता है कि उसे अपने पुराने मानसिक ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना पड़ता, बल्कि केवल सूचना को जोड़ लेता है, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) वह प्रक्रिया है जिसमें बालक नई जानकारी को अपने मौजूदा स्कीमा (मानसिक ढांचे) के भीतर फिट करता है, बिना उसमें कोई परिवर्तन किए। इसके विपरीत, जब मौजूदा स्कीमा नई जानकारी को संभालने में असमर्थ होता है और उसमें संशोधन करना पड़ता है, तो उसे 'समंजन' (Accommodation) कहा जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के पठार (Plateaus of Learning) के संदर्भ में, जब किसी सीखने की प्रक्रिया के दौरान लंबे समय तक प्रदर्शन या कार्यक्षमता में कोई सुधार नहीं होता है, तो इसे 'पठार' कहा जाता है। इसके उत्पन्न होने के मुख्य कारणों में थकान, रुचि की कमी, प्रेरणा का अभाव, या जटिलता में वृद्धि शामिल हो सकते हैं। इस संदर्भ में, यदि एक शिक्षक पठार को दूर करने के लिए विभिन्न नवीन शिक्षण विधियों, सकारात्मक सुदृढ़न (Positive Reinforcement) और उचित विश्राम सत्रों का उपयोग करता है, तो मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह प्रक्रिया अधिगम के किस पहलू और पठार के शमन को सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करती है?
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