BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
25 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपनी पुरानी स्कीमा (Schema) में नई जानकारी को समाहित करता है, तो इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है और यह किस अवस्था में बच्चे की तार्किक सोच को सबसे अधिक प्रभावित करती है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) वह संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जिसमें बालक अपने पूर्व-अनुभवों या मौजूदा स्कीमा (Schema) का उपयोग करके नई बाहरी सूचनाओं या अनुभवों को समझता है और उन्हें अपने वर्तमान ज्ञान ढांचे में ढाल लेता है। इसके विपरीत, जब मौजूदा स्कीमा नई जानकारी को समायोजित करने में असफल होती है, तब 'समंजन' (Accommodation) की प्रक्रिया होती है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान (Analytical Psychology) के अंतर्गत 'अंतर्मुखी' (Introvert) और 'बहिर्मुखी' (Extrovert) वर्गीकरण के अलावा, उनके द्वारा मनोवैज्ञानिक प्रकारों (Psychological Types) में वर्णित चार मूल मानसिक कार्यों (Four Basic Mental Functions)—सोच (Thinking), भावना (Feeling), संवेदना (Sensation), और अंतर्ज्ञान (Intuition)—का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई व्यक्ति अपनी बाहरी दुनिया की वास्तविकता के बजाय अपने आंतरिक अंतर्ज्ञानात्मको (Intuitive) और अमूर्त कल्पनाओं के आधार पर निर्णयों को संचालित करता है, तो जुंग के वर्गीकरण के अनुसार वह व्यक्ति निम्नलिखित में से किस विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत सबसे सटीक रूप से समाहित होगा? → शैक्षणिक मूल्यांकन के क्षेत्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के अंतर तथा 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के तात्विक एवं तकनीकी स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान केवल छात्रों की निष्पत्ति को एक निश्चित अंक या ग्रेड देने के पारंपरिक दृष्टिकोण से हटकर, निरंतर रूप से छात्रों की कमियों का निदान करता है, उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करता है, तथा उनके संज्ञानात्मक और सह-संज्ञानात्मक पक्षों के गुणात्मक विकास का अभिलेखन करता है, तो इस आधुनिक मूल्यांकन प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक और क्रियात्मक अंतरों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा सही अनुक्रिया करने पर तुरंत प्रबलन (Reinforcement) या पुरस्कार प्रदान करता है ताकि उस वांछित व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ जाए, और साथ ही यह भी ध्यान रखता है कि सीखने की प्रक्रिया में संतोष और असंतोष के नियम (Law of Effect) की क्या भूमिका है, तो इन दोनों अधिगम सिद्धांतों की मूलभूत मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के बीच के मूलभूत अंतरों का विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन सा कथन दोनों सिद्धांतों की कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के दोनों चरणों—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति प्रचलित सामाजिक कानूनों और संस्थागत नियमों का विरोध केवल इसलिए करता है क्योंकि वे मानवीय न्याय, मानवाधिकारों या अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे समानता और गरिमा) के विपरीत हैं, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक ढांचे के अनुसार उसका यह उच्च-स्तरीय नैतिक तर्क निम्नलिखित में से किस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता को प्रदर्शित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.