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History of India
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प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782) की शुरुआत किस संधि के साथ हुई थी?

Detailed Explanation

यह युद्ध सूरत की संधि से शुरू हुआ था।
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विजयनगर शैली के मंदिरों में प्रवेश द्वार को क्या कहा जाता था जो बहुत ऊंचे और भव्य होते थे? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1857 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले अधिकांश भारतीय शासकों और सामंतों का दृष्टिकोण अखिल भारतीय या राष्ट्रव्यापी नहीं था, बल्कि वे मुख्य रूप से अपने खोए हुए अधिकारों, छीनी गई जागीरों और व्यक्तिगत रियासतों की पुनः प्राप्ति तक ही सीमित थे। 2. इस विद्रोह में आधुनिक राजनीतिक दृष्टि, भविष्य के शासन का कोई स्पष्ट खाका तथा एक सुनियोजित अखिल भारतीय संगठन और केंद्रीय नेतृत्व का अभाव था, जिसके कारण विद्रोही टुकड़ियाँ आपसी समन्वय स्थापित करने में विफल रहीं। 3. भारत के पढ़े-लिखे मध्य वर्ग, आधुनिक बुद्धिजीवियों और अधिकांश बड़े जमींदारों ने इस विद्रोह का पुरजोर समर्थन किया तथा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध इसे सफल बनाने में क्रांतिकारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की। 4. ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक संचार साधनों (जैसे टेलीग्राफ) और रेल नेटवर्क की सुविधा थी, जबकि विद्रोही सैनिकों के बीच अनुशासन, गुप्तचर तंत्र और आधुनिक युद्ध सामग्री का भारी संकट था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के विभिन्न केंद्रों और उन्हें दबाने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली - जॉन निकलसन और हडसन 2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेनरी लॉरेंस 3. झाँसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज 4. कानपुर - सर कॉलिन कैंपबेल और जनरल हीथ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और सामाजिक-आर्थिक जीवन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हड़प्पा कालीन नगरों में 'ग्रिड प्रणाली' (Grid System) के आधार पर सड़कों का निर्माण किया गया था, जो एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं, तथा अधिकांश घरों के मुख्य द्वार मुख्य सड़क की ओर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे। 2. सिंधु सभ्यता के लगभग सभी स्थल दो भागों—पश्चिमी भाग (दुर्ग/सिटाडेल) और पूर्वी भाग (निचला नगर)—में विभाजित थे, किंतु धोलावीरा एकमात्र ऐसा स्थल है जो तीन भागों (दुर्ग, मध्यम नगर और निचला नगर) में विभाजित था। 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों या विशेष अवसरों पर सार्वजनिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसके उत्तर और दक्षिण दोनों सिरों पर सीढ़ियाँ बनी थीं और इसके जल के रिसाव को रोकने के लिए बिटुमिन (डामर) की परत का प्रयोग किया गया था। 4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे और पक्की ईंटों के निर्माण तकनीक से पूरी तरह परिचित थे, तथा उन्होंने रक्षात्मक दीवारों के निर्माण में केवल हाथ से बनी हुई अपरिष्कृत ईंटों का प्रयोग किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झांसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज़ की सेना द्वारा झांसी की घेराबंदी किए जाने पर रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ किले की रक्षा की, और किले के पतन के बाद तात्या टोपे की सहायता से कालपी की ओर प्रस्थान किया जहाँ दोनों की संयुक्त सेना अंग्रेजों से पराजित हुई। 2. कालपी की पराजय के बाद रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर कूच किया, जहाँ सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया ने उनका खुलकर समर्थन किया और ग्वालियर के किले पर अधिकार करने में अपनी सेना उनके साथ मिला दी। 3. ग्वालियर पर अधिकार करने के पश्चात तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई ने संयुक्त रूप से ब्रिटिश सेना का सामना किया, और 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा-की-सराय में लड़ते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं। 4. रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु के पश्चात तात्या टोपे ने मध्य भारत के जंगलों में अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार युद्ध जारी रखा, किंतु उनके एक विश्वासघाती जमींदार मानसिंह के विश्वासघात के कारण उन्हें अंग्रेजों ने पकड़ लिया और अप्रैल 1859 में शिवपुरी में फांसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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