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कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित व्यक्तित्व के विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान (Analytical Psychology) के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी ऊर्जा (Libido) को बाहरी दुनिया, सामाजिक संपर्कों और अन्य लोगों की ओर उन्मुख करता है, तो उसे 'बहिर्मुखी' (Extrovert) कहा जाता है। इसके विपरीत, जुंग ने 'अंतर्मुखी' (Introvert) व्यक्तित्व के निर्धारकों और मनोवैज्ञानिक घटकों का विश्लेषण करते हुए यह बताया कि अंतर्मुखी व्यक्ति अपनी ऊर्जा को मुख्य रूप से अपनी आंतरिक दुनिया, विचारों और भावनाओं की ओर केंद्रित करते हैं। इस संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति सामाजिक परिस्थितियों में अत्यधिक संकोची, आत्म-केंद्रित, निर्णय लेने में अत्यधिक आत्म-चिंतन करने वाला तथा बाहरी उत्तेजनाओं की तुलना में अपनी कल्पनाओं और आंतरिक प्रेरणाओं से अधिक संचालित होता है, तो जुंग के वर्गीकरण के अनुसार इस प्रकार के व्यक्तित्व का मुख्य निर्धारक और मनोवैज्ञानिक झुकाव किस विशिष्ट आयाम को प्रदर्शित करता है?

Detailed Explanation

कार्ल जुंग ने अपने मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व को मुख्य रूप से अंतर्मुखता (Introversion) और बहिर्मुखता (Extroversion) के रूप में वर्गीकृत किया है। अंतर्मुखी व्यक्ति अपनी मानसिक ऊर्जा (Libido) को भीतर की ओर (subjective world) निर्देशित करते हैं, जिसके कारण वे आत्म-केंद्रित, चिंतनशील और बाहरी सामाजिक मेल-जोल में कम रुचि रखने वाले होते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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