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Child Development
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के प्रतिपादकों में शामिल वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिम्पांजी पर किए गए प्रयोगों और संज्ञानात्मक क्षेत्र के पुनर्गठन (Reorganization of the Perceptual Field) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस सिद्धांत की सबसे गहरी मनोवैज्ञानिक वास्तविकता को दर्शाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों (जैसे मैक्स वर्दिमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण परिस्थिति के संज्ञानात्मक क्षेत्र के अचानक पुनर्गठन (Reorganization of the Perceptual Field) पर आधारित होती है। कोहलर के 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' के अनुसार, जब प्राणी किसी समस्या का सामना करता है, तो वह पूरी परिस्थिति का समग्र रूप से निरीक्षण करता है और अचानक से 'आहा! अनुभव' (Aha! Experience) के साथ समाधान प्राप्त करता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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