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Child Development
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मानव विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं के बीच निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अधिक सूक्ष्म, तार्किक और वैज्ञानिक अंतर को स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

बाल विकास के मनोविज्ञान में, 'अभिवृद्धि' (Growth) का तात्पर्य शारीरिक संरचना, आकार, भार और ऊँचाइयों में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तनों से है, जो एक निश्चित आयु (सामान्यतः परिपक्वता प्राप्त करने के बाद) पर रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक, समग्र और गुणात्मक (Qualitative) प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानसिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक, संवेगात्मक और भाषागत परिवर्तन शामिल होते हैं और यह 'गर्भ से कब्र तक' (Womb to Tomb) जीवनपर्यंत निरंतर चलती रहती है। विकासात्मक मनोविज्ञान के इस मूल सिद्धांत को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ की सहायता ले सकते हैं।
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तरल-ठोस (Fluid-Crystallized) बुद्धि का सिद्धांत किसने दिया? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बच्चों में विकसित होने वाली 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'प्रतिलोमता' (Reversibility) की क्षमताओं के अतिरिक्त, औपचारिक अवस्था की वह कौन-सी मौलिक विशेषता है जो बालक को मूर्त वास्तविकता से परे जाकर अमूर्त कल्पनाओं, तार्किक प्रस्तावों और सिद्धांतीकरण के आधार पर सोचने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करती है? शिक्षा के क्षेत्र में ICT के सबसे महत्वपूर्ण योगदानों में से एक है- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में पाई जाने वाली 'जीववाद' (Animism) और 'अहंप्रभाव' (Egocentrism) की संकल्पनाओं का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक सीमाओं के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रकट होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की मुख्य विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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