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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे विशिष्ट और दार्शनिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाला छठा और अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाता है। इस चरण में व्यक्ति बाहरी नियमों या सामाजिक समझौतों से बंधा नहीं होता, बल्कि उसके नैतिक निर्णय अमूर्त, स्व-चयनित सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे न्याय, समानता और मानवाधिकार) पर आधारित होते हैं। यदि कोई सामाजिक कानून किसी मानवीय मूल्य या न्याय के विरुद्ध है, तो इस स्तर पर व्यक्ति उस कानून का उल्लंघन करने का नैतिक साहस भी रखता है। इस सिद्धांत के गहन अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs - CWSN) के अधिगम को सुगम बनाने के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'विशिष्ट पाठ्यक्रम अनुकूलन' (Curricular Adaptation) जैसी रणनीतियों का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—engagement (संलग्नता), representation (प्रस्तुतीकरण), और expression (अभिव्यक्ति)—में से कौन-सा उपागम 'अधिगम की बहुविध प्रस्तुति' (Multiple Means of Representation) के वैज्ञानिक मानक को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान बच्चों में विकसित होने वाली किस प्रमुख मानसिक क्षमता को 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसके तहत बालक वास्तविक परिस्थितियों से परे जाकर संभावनाओं के आधार पर तार्किक निष्कर्ष निकाल सकता है? अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत', इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई जीव किसी पूर्व निश्चित उद्दीपक (Stimulus) की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वैच्छिक अनुक्रियाओं द्वारा पर्यावरण पर प्रभाव डालता है और अपने व्यवहार के परिणामों—विशेषकर सकारात्मक या नकारात्मक 'पुनर्बलन' (Reinforcement)—के आधार पर उस अनुक्रिया की आवृत्ति को बढ़ाता या घटाता है, तथा पावलव के सिद्धांत में उद्दीपक का अनुबंधन से पूर्व होना अनिवार्य है, तो इन तीनों सिद्धांतों के मूलभूत अंतर और अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी (John Dewey) के 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और जॉन डीवी द्वारा स्थापित 'प्रयोगशाला विद्यालयों' (Laboratory Schools) के तात्विक एवं शैक्षणिक दृष्टिकोण का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की मूल विशेषताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) और स्पीयरमैन (Charles Spearman) के द्वि-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory) की तुलना करने पर, निम्नलिखित में से कौन सा कथन दोनों सिद्धांतों के बीच के सबसे बुनियादी वैचारिक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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