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History of India
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पानीपत की हार की सूचना पेशवा को सांकेतिक संदेश "दो मोती विलीन हो गए..." में मिली, यहाँ दो मोती कौन थे?

Detailed Explanation

दो मोती सदाशिवराव भाऊ और विश्वासराव थे।
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Related Questions

→ मध्यकालीन भारत के सूफी और भक्ति आंदोलनों के दार्शनिक सिद्धांतों और उनके प्रमुख संतों के योगदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूफी संतों की 'वहतुल वजूद' (अस्तित्व की एकता) की संकल्पना का प्रतिपादन प्रसिद्ध दार्शनिक इब्न अल-अरबी ने किया था, जिसके अनुसार सृष्टिकर्ता और उसकी सृष्टि मूल रूप से एक ही हैं, और इस विचार ने भारतीय अद्वैत वेदांत दर्शन के साथ निकटता स्थापित की। 2. महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वरी के रचयिता) और संत तुकाराम ने जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना को खारिज करते हुए विट्ठल (विहोबा) की भक्ति पर बल दिया, जहाँ पंढरपुर इस आंदोलन का मुख्य केंद्र था। 3. सूफी संतों का 'चिशती' सिलसिला भारत में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ, जिसके संस्थापक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिशती थे, तथा इस सिलसिले के संतों ने राजदरबारों से दूरी बनाए रखी और राजाओं द्वारा दिए गए बड़े भू-अनुदानों तथा शाही जागीरों को अनिवार्य रूप से स्वीकार किया। 4. भक्ति आंदोलन की निर्गुण शाखा के प्रमुख संत कबीर ने बाह्य आडंबरों, मूर्तिपूजा, तीर्थाटन और औपचारिक धार्मिक कर्मकांडों का कड़ा विरोध करते हुए एक निराकार ईश्वर की भक्ति और आंतरिक शुद्धि पर जोर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्रसिद्ध हास्य कवि "तेनालीराम रामकृष्ण" किसके दरबार की शोभा बढ़ाते थे? → छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारतीय उपमहाद्वीप में राजनीतिक बदलाव और महाजनपदों के उदय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे प्राचीन ग्रंथों में सोलह महाजनपदों की जो सूचियाँ मिलती हैं, उनमें नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित 'अश्मक' (या अस्सक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी घाटी क्षेत्र में स्थित था। 2. मगध साम्राज्य के उत्कर्ष में उसके भौगोलिक लाभों के साथ-साथ बिम्बिसार और अजातशत्रु द्वारा अपनाई गई साम्राज्यवादी नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिसमें बिम्बिसार ने अवंती के राजा चंडप्रद्योत के साथ शत्रुता समाप्त कर मित्रता स्थापित की और उसके राज्य में अपने राजवैद्य जीवक को चिकित्सा हेतु भेजा था। 3. नंद वंश के संस्थापक महापद्मनंद ने 'एकराट' और 'सर्वक्षत्रान्तक' की उपाधि धारण करते हुए कलิง सहित अधिकांश महाजनपदों को मगध साम्राज्य में मिला लिया था, जिसका उल्लेख खारवेल के हाथीगुम्फा अभिलेख में भी मिलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक-धार्मिक नीतियों के प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी का विलय केवल राजनीतिक विस्तार था, जिसका स्थानीय किसानों और शिल्पकारों की आजीविका पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा था। 2. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों (विशेषकर मुक्त व्यापार और औद्योगिक क्रांति के प्रभाव) के कारण पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों का तीव्र पतन हुआ, जिससे बड़ी संख्या में कारीगर और दस्तकार बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए। 3. वर्ष 1850 का 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act), जिसके तहत पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकार के लिए ईसाई धर्म अपनाने की अनिवार्यता को समाप्त कर रूढ़िवादी हिंदू समाज में यह आशंका उत्पन्न कर दिया गया कि ब्रिटिश सरकार धर्म परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। 4. सेना के भीतर लागू 'सामान्य सेवा उपनियम अधिनियम' (General Service Enlistment Act, 1856) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए समुद्र पार (काला पानी) जाकर सेवा देना अनिवार्य कर दिया गया, जिससे तत्कालीन रूढ़िवादी सैनिकों की धार्मिक मान्यताओं और जातियों की पवित्रता को ठेस पहुँची। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → किस इतिहासकार ने अलाउद्दीन के शासनकाल को "जनता के लिए वरदान" (बाजार सुधारों के कारण) कहा है?
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