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त्वरित लिंक्स

Child Development
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एक गणित शिक्षक अपनी कक्षा में विद्यार्थियों की 'ज्यामितीय अवधारणाओं' (Geometric Concepts) को समझने में आ रही विशेष कठिनाइयों का निदान करने और तुरंत उपचारात्मक शिक्षण रणनीतियाँ तैयार करने के लिए कौन सी शिक्षण विधि और अनुसंधान उपागम के संयोजन का सबसे अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करेगा?

Detailed Explanation

कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं के त्वरित समाधान, स्थानीय स्तर पर शिक्षण विधियों में सुधार और विद्यार्थियों की विशेष कठिनाइयों को दूर करने के लिए विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) सबसे उपयुक्त उपागम है। इसके साथ आगमन-निगमन विधि और हस्तपरक गतिविधियों का संयोजन गणितीय अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त रूप देकर सीखने में अत्यंत प्रभावी होता है।
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→ मैक्स वर्टहाइमर, कोहलर और कोफ्का द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवाद' (Gestalt Psychology) के अनुसार, अधिगम प्रक्रिया में 'सूझ या अंतर्दृष्टि' (Insight) के उदय होने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और सैद्धांतिक रूप से सटीक है? → गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण—'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), 'प्रमुख शील गुण' (Cardinal Traits), और 'द्वितीयक शील गुण' (Secondary Traits)—के बीच तात्विक और मनोवैज्ञानिक अंतर का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'केंद्रीय शील गुणों' की वास्तविक प्रकृति और उनके व्यावहारिक प्रभाव को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → सूक्ष्म शिक्षण चक्र की समय अवधि क्या है? → बुद्धि का 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) में 'S' कारक का क्या अर्थ है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की तात्विक विशेषताओं तथा तार्किक चिंतन के विकास का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक यह भली-भांति समझ लेता है कि किसी तरल पदार्थ को लंबे, पतले गिलास से चौड़े बर्तन में डालने पर उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है (जिसे 'संरक्षण' या Conservation कहा जाता है), तथा वह वस्तुओं को लंबाई, भार या अन्य गुणों के आधार पर क्रमित (Seriation) कर सकता है, किन्तु वह अभी भी पूरी तरह से अमूर्त, काल्पनिक या परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं (Hypothetical-Deductive Reasoning) का समाधान करने में असमर्थ रहता है, तो पियाजे के इस अवस्था-सिद्धान्त के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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