BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
29 views

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) का मुख्य उद्देश्य कक्षा-कक्ष या विद्यालयी स्तर की तात्कालिक व्यावहारिक समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजना है। इस शोध प्रक्रिया के स्टीफन कोरे (Stephen Corey) द्वारा प्रतिपादित चक्रीय मॉडल में 'तथ्य अन्वेषण' (Fact Finding) और 'योजना निर्माण' (Planning) के पश्चात आने वाले चरणों का सही तार्किक और क्रमिक अनुक्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों और प्रशासकों द्वारा अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए किया जाने वाला एक चक्रीय (Cyclical) शोध है। इसके चरणों में सबसे पहले समस्या की पहचान, तथ्य अन्वेषण, योजना निर्माण, तत्पश्चात उस योजना का क्रियान्वयन (Action), किए गए कार्यों का अवलोकन (Observation), और अंत में परिणामों का परावर्तन या प्रतिपुष्टि (Reflection) शामिल होता है ताकि आवश्यकतानुसार सुधार किया जा सके। इस अनुसंधान पद्धति के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ शिक्षण विधियों के चयन और कक्षा-कक्षीय समस्याओं के समाधान में 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) के प्रयोग तथा कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा दिए गए बल क्षेत्र विश्लेषण (Force Field Analysis) के सिद्धांतों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रियात्मक अनुसंधान की शोध प्रक्रिया और इसकी व्यावहारिक उपयोगिता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) से गुजर रहा होता है, तो फ्रायड के अनुसार इस चरण में टॉयलेट ट्रेनिंग (Toilet Training) के दौरान माता-पिता द्वारा अत्यधिक कठोरता या अत्यधिक अनुदारता बरतने पर बालक के व्यक्तित्व में किस प्रकार के विशिष्ट लक्षण या चरित्र गुणों (Character Traits) के विकसित होने की सबसे अधिक संभावना होती है, और इसका अंतर्निहित मनोवैज्ञानिक कारण क्या है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के लिए संकलित पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों में किए जाने वाले अनुकूलन (Accommodations) तथा संशोधनों (Modifications) के तात्विक एवं व्यावहारिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और मनोवैज्ञानिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का प्रमुख दर्शन क्या है? → अधिगम के पारंपरिक सिद्धांतों—जैसे एडवर्ड थार्नडाइक का 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत', इवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' और बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत'—के बीच तुलनात्मक अध्ययन करते समय, यदि उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) के नियंत्रण एवं प्रस्तुतीकरण का विश्लेषण किया जाए, तो पावलव के अनुबंधन और स्किनर के अनुबंधन के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को कौन-सा विकल्प सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.