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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चों में अहंदर्शक (Egocentrism) प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके कारण वे किसी अन्य व्यक्ति के दृष्टिकोण से स्थिति को देखने में असमर्थ होते हैं। साथ ही, उनमें विकेंद्रीकरण (Decentration) और प्रतिवर्तनीयता (Reversibility) का अभाव होता है, जिससे वे संरक्षण (Conservation) की अवधारणा (जैसे- पानी के बर्तन बदलने पर उसकी मात्रा का अपरिवर्तित रहना) को नहीं समझ पाते। जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में प्रवेश करता है, तो वह विकेंद्रीकरण, प्रतिवर्तनीयता और वर्गीकरण की योग्यताओं को विकसित कर लेता है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियमों—तत्परता का नियम (Law of Readiness), अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा स्किनर के 'सक्रिय अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़न (Reinforcement) सिद्धांत के बीच कौन-सा सैद्धांतिक और कार्यात्मक संबंध सबसे अधिक सटीक है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता के स्तर (Preconventional Level) के पहले चरण यानी 'सजा और आज्ञाकारिता उन्मुखीकरण' (Punishment and Obedience Orientation) तथा इसी सिद्धांत के उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Postconventional Level) के अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत उन्मुखीकरण' (Universal Ethical Principles Orientation) के बीच के तात्विक एवं विश्लेषणात्मक अंतर का सूक्ष्म परीक्षण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के मूल दार्शनिक आधार और प्रेरणा के स्रोत को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक अध्ययन शिक्षक द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं का उदाहरण “नहीं” है? अधिगम के मनोविज्ञान में ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के तात्विक कारणों, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों द्वारा समर्थित 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों (जैसे उत्तल, अवतल, एस-आकार का वक्र), तथा ई.एल. थार्नडाइक और सी.डब्लू. जड (C.W. Judd) द्वारा दिए गए 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के सिद्धांतों के बीच गत्यात्मक अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल मोटर कौशल को सीखते समय निष्पादन के स्तर पर एक लंबा क्षैतिज अवरोध (पठार) अनुभव करता है, और इस दौरान उसकी प्रेरणा का ह्रास, थकान या पुरानी आदतों का नए कौशल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? निम्नलिखित में से कौन-सी गणित की विशेषता नहीं है?
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