BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
2 views

गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दीमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और इस अधिगम प्रक्रिया की तात्विक प्रकृति का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के केंद्रीय विचार और इसकी संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह समस्या की समग्र परिस्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करके उसके विभिन्न अंगों के बीच तार्किक संबंधों को अचानक समझ लेने की योग्यता है। वोल्फगंग कोहलर (Wolfgang Köhler) ने चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि प्राणी बिखरी हुई परिस्थितियों या उद्दीपकों को अपने मानसिक संज्ञान द्वारा एक नए रूप में पुनर्गठित (Reorganization) करता है, जिससे अचानक समस्या का समाधान सूझ (Insight) के रूप में सामने आता है। इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
Share:

Related Questions

सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की संरचना को समझाने के लिए 'इड' (Id), 'इगो' (Ego), और 'सुपरइगो' (Superego) की संकल्पना दी गई है। इनमें से 'इगो' (Ego) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से मान्य है? महिलाओं को कमजोर और दोषपूर्ण माना जाता है, उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता होती है और अकेले जीवित रहने में सक्षम नहीं होने का अर्थ है- भाषा के तीन रूप सामाजिक भाषण, निजी भाषण और आंतरिक भाषण निम्न के द्वारा दिए गए हैं? बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं के बीच पाए जाने वाले गुणात्मक और परिणात्मक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और सटीक है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के दोनों चरणों—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति प्रचलित सामाजिक कानूनों और संस्थागत नियमों का विरोध केवल इसलिए करता है क्योंकि वे मानवीय न्याय, मानवाधिकारों या अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे समानता और गरिमा) के विपरीत हैं, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक ढांचे के अनुसार उसका यह उच्च-स्तरीय नैतिक तर्क निम्नलिखित में से किस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता को प्रदर्शित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.