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History of India
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शम्भाजी महाराज का मुख्य सलाहकार कौन था जिसे औरंगजेब ने उनके साथ मौत की सजा दी थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शम्भाजी और उनके सलाहकार कवि कलश को औरंगजेब ने मृत्युदंड दिया था।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली (विद्रोह के दमन के दौरान गोली लगने से मृत्यु)
2. सर कॉलिन कैंपबेल — लखनऊ और कानपुर
3. मेजर जनरल हेवलॉक — झांसी और ग्वालियर
4. जेम्स आउट्राम — अवध क्षेत्र (कैलिन कैंपबेल के साथ सैन्य अभियानों में संलग्न)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के प्रवेश और पुर्तगाली-ब्रिटिश संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जहांगीर के दरबार में आने वाला प्रथम अंग्रेज दूत विलियम हॉकिंस था, जो 'हेक्टर' जहाज लेकर 1608 में सूरत पहुँचा था, किंतु पुर्तगालियों के तीव्र विरोध और शाही दरबार में उनके प्रभाव के कारण जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति तुरंत प्रदान नहीं की थी।
2. वर्ष 1612 में स्वाली के युद्ध (Battle of Swally) में ब्रिटिश कमांडर थॉमस बेस्ट ने पुर्तगाली नौसेना को पराजित किया, जिससे प्रभावित होकर जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री खोलने का शाही फरमान जारी कर दिया।
3. पुर्तगालियों ने भारत में अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए 'कार्टाज' (Cartaz) प्रणाली लागू की थी, जिसके तहत अरब सागर और हिंद महासागर से गुजरने वाले प्रत्येक भारतीय और एशियाई जहाज को पुर्तगाली गवर्नरों से लाइसेंस लेना अनिवार्य था, और अक्साइज शुल्क के रूप में भारी कर चुकाना पड़ता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विद्रोहियों के पास किसी एक केंद्रीय संगठन, सर्वमान्य अखिल भारतीय नेतृत्व तथा एकसमान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण का पूर्ण अभाव था, जिससे स्थानीय नेता अपने सीमित भू-भाग और हितों से बंधे रहे।
2. भारत के अधिकांश बड़े शासकों, रियासतों के राजाओं (जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम) तथा आधुनिक शिक्षित मध्यम वर्ग ने इस विद्रोह का सक्रिय रूप से विरोध किया और ब्रिटिश शासन का समर्थन किया।
3. विद्रोही सैनिकों के पास हथियारों की भारी कमी, लचर सैन्य अनुशासन औरसटीक संचार साधनों का अभाव था, जबकि ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक तकनीक, रेलवे और टेलीग्राफ का सुदृढ़ लाभ था।
4. विद्रोहियों के पास दिल्ली को केंद्र बनाकर मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को नाममात्र का नेता तो बनाया गया, किंतु उनके पास अंग्रेजों के विरुद्ध दीर्घकालिक आर्थिक संसाधन और युद्ध की कोई सुनियोजित रणनीति नहीं थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता की परिपक्व अवस्था और उसकी विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक संरचना तथा स्थल-विशेष की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता के किसी भी स्थल से किसी भी प्रकार के मंदिर, महलों या स्पष्ट धार्मिक पूजा-गृह के अवशेष प्राप्त नहीं हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि इस सभ्यता का शासन किसी पुरोहित वर्ग के हाथों में न होकर संभवतः व्यापारियों या वणिक वर्ग के हाथों में था।
2. लोथल से प्राप्त गोदीवाड़ा (Dockyard) ईंटों की एक विशाल संरचना है, जो भोगवा नदी के माध्यम से अरब सागर और साबरमती नदी से जुड़ी हुई थी, और इसका उपयोग फारस की खाड़ी तथा मेसोपोटामिया के साथ समुद्री व्यापार के लिए किया जाता था।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'नर्तकी की कांस्य मूर्ति' (Dancing Girl) 'लॉस्ट वैक्स' (Cire Perdue) मोम-लोपन ढलाई तकनीक का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि हड़प्पा से लाल बलुआ पत्थर से बने पुरुष धड़ (Male Torso) की मूर्ति मिली है।
4. सुरकोटड़ा और कालीबंगा दोनों ही ऐसे स्थल हैं जहाँ से घोड़े के स्पष्ट और प्रामाणिक अवशेष (हड्डियाँ तथा दांत) बड़ी मात्रा में प्राप्त हुए हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि सैंधव लोग घोड़े के पालन-पोषण और युद्ध में उसके व्यापक उपयोग से भली-भांति परिचित थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल की सामाजिक-आर्थिक संरचना तथा प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में वाणिज्यिक प्रगति और रोमन साम्राज्य के साथ व्यापार के कारण सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन हुआ, जिसमें सातवाहनों ने मुख्य रूप से तांबे, सीसे (लेड) और प्रोटीन के सिक्के चलाए, जबकि कुषाण वंश ने शुद्ध सोने के सिक्के (दीनार) जारी किए।
2. गुप्त काल में 'भूमि दान' की प्रथा (ब्रह्मदेय और अग्रहार) में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप न केवल ब्राह्मणों और बौद्ध संघों को धार्मिक व कर-मुक्त भूमियां प्राप्त हुईं, बल्कि प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी स्थानीय अनुदानभोगियों को हस्तांतरित होने लगे, जिससे सामंती व्यवस्था के प्रारंभिक बीज पड़े।
3. गुप्तकालीन प्रशासन में 'विषय' (जिला) के प्रशासनिक प्रमुख को 'विषयपति' कहा जाता था, जिसकी सहायता के लिए 'कुलालिक' (शिल्पी संघ के प्रमुख), 'प्रथम कलिक' (मुख्य लेखक) और 'प्रथम श्रेष्ठी' (मुख्य व्यापारी) जैसे नगर-श्रेष्ठी वर्ग के लोग 'अधिकरण' (परिषद) के रूप में कार्य करते थे।
4. गुप्त साम्राज्य की मुद्रा प्रणाली में कुषाणों की तुलना में सोने के सिक्कों (दीनार) में स्वर्ण की शुद्धता बहुत अधिक थी और गुप्त राजाओं ने अपने सोने के सिक्कों पर कभी भी रानी या देवी-देवताओं के चित्र अंकित नहीं करवाए, बल्कि केवल अपने युद्ध कौशल और अश्वमेध यज्ञ का ही प्रदर्शन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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