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Child Development
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के क्रियान्वयन के दौरान, जब एक शिक्षक विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक पक्षों का आकलन करने के लिए 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Testing) के उपरांत 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) की रूपरेखा तैयार करता है, तो इस प्रक्रिया में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के मध्य तात्विक एवं क्रियात्मक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के मध्य स्पष्ट तात्विक अंतर होता है। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान कमियों का पता लगाना और विद्यार्थियों को रचनात्मक पृष्ठपोषण (Feedback) देना है। इसके विपरीत, मूल्यांकन एक व्यापक अवधारणा है जो आकलन से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करके एक निश्चित समय-बिंदु पर छात्र के समग्र प्रदर्शन और योग्यता के संबंध में मूल्य-निर्णय (Value Judgment) प्रदान करती है। शिक्षाशास्त्र में मूल्यांकन की अवधारणा और विधियों की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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