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Child Development
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एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) में से 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) के मनोवैज्ञानिक आधार और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसके तात्विक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

Detailed Explanation

थार्नडाइक के अधिगम के मुख्य नियमों में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) स्नायुमंडलीय तैयारी (Neuromuscular Readiness) से जुड़ा हुआ है। इसके अनुसार, जब सीखने वाला किसी कार्य को करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होता है, तो कार्य करने से उसे संतोष प्राप्त होता है और वह जल्दी सीखता है; इसके विपरीत यदि वह तैयार नहीं है और उसे जबरदस्ती सिखाया जाता है, तो उसे झुंझلاहट या असंतोष होता है। इस सिद्धांत को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ की सहायता ले सकते हैं।
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→ बाल विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Sequence) के अंतर्गत आने वाले 'मस्तकोधुमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) विकास के नियमों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन पूरी तरह से सत्य है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के प्रावधानों का सूक्ष्म तार्किक एवं शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, पाठ्यचर्या (Curriculum) और मूल्यांकन प्रणाली के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के दर्शन और बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष के स्वरूप का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस pedagogical दृष्टिकोण की सबसे मूल और तात्विक विशेषता को स्पष्ट करता है? → वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन संज्ञानात्मक विकास का एक महत्वपूर्ण प्राथमिक स्रोत है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, लगभग 2 वर्ष से 7 वर्ष की आयु तक की इस अवधि में बच्चों की सोच में पाई जाने वाली 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism), 'जीववाद' (Animism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration) जैसी प्रमुख सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की संज्ञानात्मक विशेषताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
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