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Child Development
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क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और विद्यालयी शिक्षण विधियों के अंतर्संबंधों का विश्लेषण करते समय, स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) और अन्य शिक्षाविदों द्वारा प्रतिपादित क्रियात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी विशिष्ट कार्यप्रणाली, उद्देश्य और कक्षा-कक्षीय शिक्षण विधियों पर इसके प्रभाव को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी व्यावहारिक पद्धति है जिसके माध्यम से शिक्षक और विद्यालयीय कार्मिक अपनी कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं का वैज्ञानिक और तार्किक समाधान खोजते हैं। शिक्षाशास्त्र में इसका उद्देश्य शिक्षण विधियों, पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में सुधार लाकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। इस अनुसंधान पद्धति के ऐतिहासिक विकास और इसके चरणों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) में कुर्ट लेविन ने 'वातावरण' (Environment) को किस नाम से संबोधित किया है? थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अधिगम सिद्धांतों के मध्य का सबसे मूलभूत और महत्वपूर्ण अंतर निम्नलिखित में से किस विशेषता में निहित है? बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करते समय, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के वैचारिक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है? गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के बीच के तात्विक और वैज्ञानिक अंतर का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गार्डनर द्वारा प्रतिपादित बुद्धि की अवधारणा की सबसे सटीक विशेषता को दर्शाता है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'विवेक के सिद्धांत की अवस्था' (Stage 6: Universal Ethical Principles Orientation) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर की तात्विक और दार्शनिक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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