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History of India
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मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 1630 ई. में किस किले में हुआ था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिवनेरी के किले में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश नीतियों में हुए आमूल-चूल परिवर्तनों और भारत सरकार अधिनियम 1858 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया तथा भारत के शासन का पूर्ण नियंत्रण सीधे ब्रिटिश क्राउन के अंतर्गत 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) को सौंप दिया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया।
2. इलाहाबाद दरबार में 1 नवंबर 1858 को महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा को गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया, जिसमें यह गारंटी दी गई कि ब्रिटिश सरकार अब भविष्य में किसी भी देशी रियासत का विलय नहीं करेगी और गोद लेने के अधिकार (दत्तक पुत्र) को मान्यता दी जाएगी।
3. महारानी की घोषणा में यह स्पष्ट किया गया कि भारतीय प्रजा के साथ नस्ल, धर्म, जाति या जन्मस्थान के आधार पर सरकारी सेवाओं में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी योग्य भारतीयों को उच्च पदों पर नियुक्ति में पूर्ण अवसर दिए जाएंगे।
4. विद्रोह के तुरंत पश्चात सेना के पुनर्गठन के तहत ब्रिटिश सैनिकों और भारतीय सैनिकों के अनुपात में भारी वृद्धि की गई, तथा बंगाल की सेना में उच्च जातियों (ब्राह्मणों और राजपूतों) के सैनिकों का वर्चस्व बढ़ाकर सिख, गोरखा और पठानों की संख्या को लगभग शून्य कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के नेतृत्व और उसके दमन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, जिन्होंने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया था और कर्नल नील तथा कैंपबेल की सेनाओं को कड़ी टक्कर दी थी।
2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करते हुए खान बहादुर खान ने स्वतंत्र सरकार की स्थापना की थी, किंतु अंततः ब्रिटिश सेनापति सर कॉリン कैंपबेल द्वारा इस विद्रोह का पूर्ण दमन कर दिया गया।
3. इलाहाबाद में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह की बागडोर संभाली थी, और यहाँ ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील ने अत्यधिक क्रूरता के साथ इस विद्रोह का दमन किया था।
4. फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह को गिरफ्तार कर अंग्रेजों ने सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी, जबकि खान बहादुर खान और लियाकत अली युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त हुए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की गतिविधियों और उनके रणनीतिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए नाना साहब ने स्वयं को पेशवा घोषित किया और पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में अपनी पेंशन बंद किए जाने तथा ब्रिटिश साम्राज्यवादी नीतियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का शंखनाद किया।
2. नाना साहब के मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में अजीमुल्ला खां ने कार्य किया था, जिन्होंने विद्रोह के दौरान विदेशी संपर्कों और कूटनीतिक संदेशों को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. तात्या टोपे ने नाना साहब की सेना के प्रधान सेनापति के रूप में कानपुर की सुरक्षा और सैन्य अभियानों का संचालन किया, तथा ब्रिटिश जनरल सर कॉलिन कैंपबेल की सेना के पराजित होने के बाद उन्होंने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया था।
4. कानपुर के पतन के पश्चात नाना साहब नेपाल की ओर पलायन कर गए, जहाँ उनका अंतिम जीवन और उनकी मृत्यु का सटीक ऐतिहासिक विवरण आज भी पूरी तरह अस्पष्ट है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक और भू-राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल द्वारा लागू की गई 'दहसाला' (जब्ती) प्रणाली के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और औसत मूल्यों का आकलन कर मालगुजारी निश्चित की जाती थी, जिसमें 'पलाज' वह भूमि थी जिस पर वर्ष में दो बार लगातार फसलें उगाई जाती थीं और इसे कभी भी खाली नहीं छोड़ा जाता था।
2. जहांगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था में 'दो-अस्पा और सिह-अस्पा' प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके तहत मनसबदारों को अपने मूल घोड़ों की संख्या में बिना किसी वृद्धि के दोगुने या तिगुने घोड़े रखने पड़ते थे और इसका अतिरिक्त भत्ता दिया जाता था।
3. शाहजहां के काल में भू-राजस्व की वसूली के लिए 'महतब' और 'महरमा' जैसी नई प्रणालियों को अनिवार्य किया गया, तथा इज्ठेदारी (ठेके पर राजस्व वसूलने की प्रथा) को मुगल साम्राज्य के सभी प्रांतों में पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया था।
4. औरंगजेब के शासनकाल में जारी किए गए प्रसिद्ध 'रसूम-ए-देह' (महानिदेशक आदेश) के अनुसार जागीरदारों पर यह प्रतिबंध लगा दिया गया कि वे किसानों से निर्धारित 'लगान' के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का उपकर (आवाब) या अतिरिक्त कर नहीं वसूल सकते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य संगठन और शिवाजी के शासनकाल की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों का परिषद) नामक मंत्रिपरिषद थी, जिसमें पेशवा (मझार) सर्वोच्च पद होता था जो सैन्य मामलों के अलावा अन्य सभी नागरिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करता था तथा मंत्रिपरिषद का प्रत्येक मंत्री सीधे छत्रपति के प्रति उत्तरदायी था।
2. राजस्व सुधारों के अंतर्गत शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को कड़ाई से हतोत्साहित किया और उसके स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया, हालांकि कुछ मामलों में सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान (सरंजाम) भी दिए जाते थे।
3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जिनमें चौथ मराठा राज्य की सीमा के बाहर पड़ोसी मुगल अथवा अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि सरदेशमुखी उस क्षेत्र पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था।
4. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'पागा' (राजकीय घुड़सवार सेना) जिसमें सैनिकों को घोड़े और शस्त्र राज्य द्वारा प्रदान किए जाते थे, और 'सिहल्ती' या 'बारगीर' जो स्वयं अपने घोड़े और अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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