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मैक्स वर्दिमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत' या 'सूझ/अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, कोहलर द्वारा सुल्तान नामक चिम्पांजी पर किए गए प्रसिद्ध प्रयोग तथा इस सिद्धांत की तात्विक एवं संज्ञानात्मक प्रकृति का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया के वास्तविक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (Insight Learning Theory) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह संज्ञान पर आधारित है। कोहलर के प्रयोग में सुल्तान नामक चिम्पांजी ने छड़ियों और बक्सों की स्थिति को देखकर अचानक संपूर्ण समस्या क्षेत्र का संज्ञानात्मक पुनर्गठन किया, जिसे 'सूझ' या 'अंतर्दृष्टि' कहा जाता है। गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ कक्षागत शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में आने वाली विशिष्ट समस्याओं के तात्कालिक और व्यावहारिक समाधान के लिए शिक्षक द्वारा किए जाने वाले 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) और पारंपरिक 'मौलिक अनुसंधान' (Fundamental Research) के मध्य तात्विक एवं कार्यप्रणालीगत अंतर का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों शोध स्वरूपों की सीमाओं, उद्देश्यों और प्रयोज्यता को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है? → अल्फ्रेड एडलर ने किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'सांस्कृतिक उपकरण' (Cultural Tools) और 'निजी वाक्' (Private Speech) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, संज्ञानात्मक विकास में इनकी वास्तविक भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बालक 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की ओर संक्रमण करता है, तो उसके चिंतन में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण' (Conservation) के गुणों का विकास होता है। इस संदर्भ में, यदि किसी बालक को दो समान आकार के गड़े हुए मिट्टी के गोलों में से एक को चपटा करके लंबी 'चपाती' का रूप देने पर भी यह समझ आ जाता है कि मिट्टी की कुल मात्रा (द्रव्यमान और आयतन) में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक उपलब्धि किस मानसिक तंत्र और तार्किक प्रक्रिया का परिणाम है? → अधिगम या व्यवहार सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
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