BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान बालकों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) की तात्विक विशेषताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस अवस्था की सबसे प्रमुख और वैज्ञानिक रूप से विशिष्ट उपलब्धि को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) वह चरण है जिसमें किशोर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) करने की क्षमता विकसित करते हैं। इस अवस्था में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' के माध्यम से बालक समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न संभावनाओं और परिकल्पनाओं का निर्माण करते हैं तथा उनका वैज्ञानिक विधि से परीक्षण करते हैं। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

अब्राहम मास्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत, यदि कोई छात्र अपनी भूख, प्यास, नींद जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं और सुरक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद अपने सहपाठियों के बीच स्वीकृति, स्नेह और मित्रता प्राप्त करने में असमर्थ रहता है, तो मास्लो के सिद्धांत के अनुसार उस छात्र के अधिगम (Learning) और संज्ञानात्मक विकास पर इसका सबसे गंभीर और प्रत्यक्ष मनोवैज्ञानिक प्रभाव क्या होगा? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब कक्षा में दृष्टिबाधित (Visually Impaired) छात्रों के समावेशन के लिए स्पर्शनीय मानचित्र (Tactile Maps), ब्रेल लिपि (Braille), और श्रव्य सामग्रियां (Audio Materials) का उपयोग किया जाता है, तो यह शिक्षण अधिगम प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक अवधारणा का प्रत्यक्ष अनुप्रयोग है? स्वतंत्र शब्द साहचर्य परीक्षण विधि के प्रतिपादक कौन हैं? शैक्षणिक मूल्यांकन (Educational Assessment) के अंतर्गत 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning), 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करते हुए, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक और तार्किक रूप से सही है? शैक्षणिक आकलन और मूल्यांकन (Assessment vs Evaluation) के तात्विक एवं व्यावहारिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, जब एक शिक्षक विद्यार्थियों के केवल अंकीय निष्पादन (Numerical Performance) को मापने के स्थान पर उनके अधिगम की प्रक्रिया के दौरान आने वाली कठिनाइयों का लगातार दस्तावेजीकरण करता है और मूल्य-आधारित निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.